कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार, कहा- बिजली की ख़राब हालात के लिए ज़िम्मेदार लोग आंदोलन की बात कर रहे

 Edited By: Sanjeet Tripathi

Published on 21 Jun 2019 07:19 PM, Updated On 21 Jun 2019 07:19 PM

रायपुर। कांग्रेस ने बिजली कटौती को लेकर बीजेपी पर पलटवार किया है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा ने 15 साल के शासनकाल में यदि बिजली को लेकर गंभीरता से काम किया होता तो आज छत्तीसगढ़ की वह स्थिति नहीं होती जो हो रही है। सच यह है कि भाजपा शासनकाल में बिजलीघर से लेकर ट्रांसमिशन तक सब कुछ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की गिरफ़्त में रहा, अब वही भाजपा बिजली कटौती को लेकर आंदोलन की बात कर रही है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने एक बयान में कहा है कि पिछले पांच साल के पांच माह की कटौती की रिपोर्ट बताती है कि भाजपा शासनकाल में पिछले साल करीब सवा लाख घंटे बिजली गुल रही, जबकि कांग्रेस शासन में यह आंकड़ा एक लाख घंटे से कम है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश में शहर से लेकर गांवों तक बिजली कटौती की जा रही है।

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उन्होंने आगे कहा कि सिंह सरकार में की गई खरीदी के कारण इनके जलने खराब होने और ओवरलोड के कारण ट्रिप होने और प्रीमानसून मेंटेंनेस को पूरी भाजपा सुनियोजित रूप से पावर कट के रूप में प्रचारित करने में जुट गई है। परिस्थितियों को बिगाड़ने के लिए प्रीमानसून मेंटेंनेन्स, ओवरलोड ट्रिपिंग या घटिया क्वालिटी विद्युत के उपकरणों के बार-बार खराब होने के कारण बिजली चले जाने को रमन सिंह के 15 वर्षों के शासनकाल में विद्युत मंडल में उपकृत करने के उद्देश्य से घुसाए गए संघी अधिकारी झूठमूठ में पावर कट कहकर विद्युत मंडल ही के खिलाफ दुष्प्रचार में लगे हुए है। कांग्रेस सरकार ने तो प्रदेश में बिजली की मांग से ज्यादा उत्पादन के द्वारा कीर्तिमान स्थापित किया है जिससे बौखलाकर जनविरोधी रवैये के उजागर होने से डूबती हुई भाजपा द्वारा हर मामले में झूठ के तिनके को सहारा बनाया जा रहा है।

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कांग्रेस ने 15 वर्षो की रमन सरकार पर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की सौभाग्य योजना का लक्ष्य पूरा करने की हड़बड़ी में बिना ट्रांसमिशन लाइन की केपिसिटी बढ़ाया गया, ट्रांसफार्मर्स और सबस्टेशनों के बिना क्षमता बढ़ाए और नए ट्रांसफार्मर और नए सबस्टेशन लगाए बिना लोड बढ़ाया गया और आधा अधूरा काम किया गया, जिसमें भी जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। जिसके कारण ही बिजली बार-बार गुल हो रही और आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पावर कंपनी पिछले वर्षो से अधिक बिजली का रिकार्ड उत्पादन लगभग 4444 मेगावाट कर रही है एवं प्रदेश में इस समय मांग 4416 मेगावाट की है। ऽ  इस प्रकार बिजली की प्रदेश में कमी तो नहीं है परंतु पिछले समय उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण की खरीदी नहीं की गयी तथा कर्मचारियों की कमी की समस्या को भी दूर नहीं किया गया।

Web Title : Congress attacked on bjp