खुद को जिंदा साबित करने भटक रही गरीब महिला, रिकॉर्ड में है मुर्दा, महिला के नाम पर 02 लाख रूपये ग्राम सचिव ने फर्जी निकाला

 Edited By: Anil Kumar Shukla

Published on 19 Jul 2019 09:02 AM, Updated On 19 Jul 2019 09:02 AM

​सिंगरौली। जनपद पंचायतों में आये दिन अनियमितता और घोटालों का आरोप लगता रहता हैं लेकिन जब पंचायत का सचिव ही गांव की जिंदा महिला को सभी सरकारी रिकॉर्डो में मुर्दा घोषित कर 02 लाख रूपए निकाल लिए तो महिला खुद को जिंदा साबित करने के लिए जिला पंचायत से लेकर कलेक्टर तक गुहार लगा रही है। और उसे सिर्फ जांच के आश्वासन ही मिल रहे हैं।

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जी हाँ ऐसा ही मामला चितरंगी ब्लॉक के ग्राम पंचायत गड़वानी का है । जहां आरोप है कि तत्कालीन सचिव शगुन दास विश्वकर्मा ने गांव की महिला शांतिदेवी पति राम अवध साकेत को रिकॉर्ड में मुर्दा घोषित कर उसके नाम से सम्बल योजना के तहत 02 लाख रुपये फर्जी तरीके से लोन निकाल लिया है।

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शांतिदेवी को पता तब चला जब वह कुछ योजनाओं के लिए दस्तावेज लेने दफ्तर पहुंची तो बताया गया कि तुम तो मर चुकी हो फिर क्या था हड़कंप मच गया, पीडित परिजनों के साथ कलेक्टर के पास पहुंची और अपनी आप बीती बताने लगी। कलेक्टर के व्ही एस चौधरी ने जांच के बाद कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। बहरहाल अभी शांतिदेवी के पास पहली प्रायरटी खुद को जिंदा साबित करने का है उसके बाद फर्जी लोन लेने वालों पर कार्यवाही है।

Web Title : Poor woman wandering to prove herself alive; in the name of the dead

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