भारत से द्विपक्षीय श्रृंखला पर रमीज ने कहा, अभी असंभव, हम जल्दबाजी में नहीं हैं

भारत से द्विपक्षीय श्रृंखला पर रमीज ने कहा, अभी असंभव, हम जल्दबाजी में नहीं हैं

Edited By: , September 13, 2021 / 04:45 PM IST

लाहौर, 13 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के नवनियुक्त अध्यक्ष रमीज राजा ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय श्रृंखलाओं की बहाली अभी असंभव है और वह इसके लिये जल्दबाजी में भी नहीं हैं क्योंकि उनका ध्यान केवल देश के घरेलू क्रिकेट ढांचे पर केंद्रित है।

इस 59 वर्षीय पूर्व कप्तान को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने सोमवार को औपचारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाला। उन्होंने माना कि पीसीबी का अध्यक्ष पद क्रिकेट की सबसे मुश्किल भूमिकाओं में से एक है।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी चुनौती है और प्रधानमंत्री (इमरान खान) ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने से पहले सभी पहलुओं पर गौर किया था।’’

भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला बहाल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर रमीज ने कहा, ‘‘अभी यह असंभव है, क्योंकि राजनीति से खेलों पर बुरा प्रभाव पड़ा है और अभी यथास्थिति है। हम इस मामले में जल्दबाजी में भी नहीं हैं क्योंकि हमें अपने घरेलू और स्थानीय क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना है। ’’

उन्होंने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच रावलपिंडी और लाहौर में खेली जाने वाली सीमित ओवरों की श्रृंखला के दौरान निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) की सुविधा नहीं होने पर भी निराशा व्यक्त की।

रमीज ने कहा, ‘‘डीआरएस के इस मुद्दे से पता चलता है कि कहीं कुछ गड़बड़ी है और मैं इस पर गौर करूंगा। ’’

रमीज से इसके साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप में दुबई में 24 अक्टूबर को होने वाले मैच के बारे में भी पूछा गया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों से मिला तो मैंने उनसे कहा कि इस बार समीकरण बदलने चाहिए और इस मैच के लिये टीम को शत प्रतिशत तैयार रहना चाहिए और इसमें उसे अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए। ’’

पीसीबी प्रमुख ने कहा कि वह चाहते हैं कि राष्ट्रीय क्रिकेटर बेपरवाह क्रिकेट खेले।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें समस्याओं का सामना करने और मैच गंवाने के लिये भी तैयार रहना चाहिए। मैंने खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें टीम में अपने स्थान को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए और निर्भीक होकर खेलना चाहिए। ’’

भाषा

पंत सुधीर

सुधीर