उत्तरी आयरलैंड पर ईयू के रुख में बदलाव नहीं हुआ तो कार्रवाई करनी होगी: जॉनसन

उत्तरी आयरलैंड पर ईयू के रुख में बदलाव नहीं हुआ तो कार्रवाई करनी होगी: जॉनसन

: , May 16, 2022 / 09:05 PM IST

लंदन, 16 मई (एपी) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ ब्रेग्जिट के एक समझौते को तोड़ने की धमकी सोमवार को दोहराते हुए ईयू को उत्तरी आयरलैंड में नयी सरकार बनने से रोकने वाले राजनीतिक संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया।

जॉनसन ने कहा कि अगर यूरोपीय संघ ब्रेग्जिट के बाद के व्यापार नियमों में बदलाव के लिए राजी नहीं होता है तो ‘‘कार्रवाई करने की आवश्यकता’’ होगी। उन्होंने कहा कि ये नियम उत्तरी आयरलैंड के राजनीतिक संतुलन को अस्थिर कर रहे हैं।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री उत्तरी आयरलैंड के मुख्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ निजी बातचीत कर रहे हैं और उनसे काम पर लौटने का आग्रह कर रहे हैं। लेकिन उनका सार्वजनिक संदेश ईयू पर केंद्रित था जिस पर उन्होंने ब्रेग्जिट के बाद सीमा पर जांच को लेकर जमीन तैयार करने से इनकार करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने बेलफास्ट टेलीग्राफ में लिखा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि ईयू के रुख में बदलाव होगा। अगर ऐसा नहीं होता तो कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी।’’

ईयू के सदस्य आयरलैंड ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन का एकतरफा कदम इनदोनों पक्षों के बीच ब्रेग्जिट के बाद के पूरे व्यापार समझौते को जोखिम में डाल सकता है।

उत्तरी आयरलैंड में मतदाताओं ने इस महीने एक नयी असेंबली का निर्वाचन किया है, जिसमें आयरलैंड की राष्ट्रवादी पार्टी सिन फीन ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। यह पहली बार है जब आयरलैंड गणराज्य के साथ एकीकरण की मांग कर रही पार्टी ने प्रोटेस्टेंट यूनियनिस्ट के गढ़ में चुनाव जीता है।

डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी दूसरे नंबर पर आयी है और उसने सरकार बनाने या तब तक असेंबली का गठन होने देने से इनकार कर दिया है जब तक कि जॉनसन सरकार ब्रिटेन के बाकी हिस्सों से उत्तरी आयरलैंड आ रहे सामान पर ब्रेग्जिट के बाद से होने वाली जांच को रद्द नहीं कर देती।

उत्तरी आयरलैंड की शांति प्रक्रिया के तौर पर सत्ता साझा करने के नियमों के अनुसार, नेशनलिस्ट और यूनियनिस्ट दोनों दलों के सहयोग के बिना कोई भी सरकार नहीं बनायी जा सकती।

उत्तरी आयरलैंड यूके का एक मात्र हिस्सा है जो ईयू के साथ सीमा साझा करता है। जब ब्रिटेन 2020 में ईयू से अलग हुआ था तो आयरिश भूमि सीमा को सीमाशुल्क चौकियों और अन्य जांच से मुक्त रखने के लिए समझौता किया गया था।

एपी वैभव माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)