अंतरिक्ष पर्यटन के लिए इच्छुक हैं? यहां विचार के लिए 6 चीजें हैं (मूल्य उल्लेख के अतिरिक्त)

अंतरिक्ष पर्यटन के लिए इच्छुक हैं? यहां विचार के लिए 6 चीजें हैं (मूल्य उल्लेख के अतिरिक्त)

: , July 24, 2021 / 05:42 PM IST

(स्टीवन फ्रीलैंड, प्रोफेसरियल फेलो, बॉंड यूनिवर्सिटी/एमिरेटस प्रोफेसर ऑफ इंटरनेशनल लॉ, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी)

सिडनी, 24 जुलाई (द कन्वर्सेशन) अंतरिक्ष प्रेमी अरबपतियों के लिए यह महीना बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। 11 जुलाई को ब्रिटिश उद्यमी सर रिचर्ड ब्रैंसन का यूनिटी ‘‘रॉकेट विमान’’ उन्हें और पांच अन्य यात्रियों को पृथ्वी से लगभग 85 किलोमीटर ऊपर लेकर गया।

और इस सप्ताह, अमेजन संस्थापक जेफ बेजोस का न्यू शेपर्ड कैप्सूल 106 किलोमीटर की ऊंचाई पर गया जो बेजोस, उनके भाई, और सबसे बुजुर्ग तथा सबसे युवा लोग, पहली बार इतनी ऊंचाई पर पहुंचे। दोनों उड़ानों के यात्रियों ने कई मिनट तक खुद को भार-रहित महसूस किया और हमारी सुंदर तथा कोमल धरती के बारे में विस्मयकारी विचार व्यक्त किए।

दोनों उड़ानों को मीडिया में सुर्खियां मिलीं और ब्रैंसन के वर्जिन गैलैक्टिक तथा बेजोस के ब्लू ऑरिजिन को ब्रांड रूपी पहचान मिली। अंतरिक्ष पर्यटन के नए रंग-रूप में आकर्षक वाणिज्यिक गतिविधि बनने की उम्मीद है जिसमें हजारों यात्री अंतरिक्ष यात्रा के लिए भुगतान करते दिखाई दे सकते हैं।

यह साल सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन के अंतरिक्ष में जाने वाला पहला मानव बनने का 60वां साल है। तब से, लगभग 600 प्रशिक्षित अंतरिक्ष यात्री बाह्य अंतरिक्ष में जा चुके हैं, लेकिन बहुत कम ही लोगों को अंतरिक्ष पर्यटक का दर्जा मिल पाया है।

पहले, अमेरिकी इंजीनियर डेनिस टीटो ने रूस के स्टार सिटी परिसर में तीन महीने के प्रशिक्षण के बाद अप्रैल 2001 में धरती का चक्कर लगाते अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के रूसी खंड में छह दिन गुजारने के लिए दो करोड़ डॉलर का भुगतान किया था। उनके बाद कुछ और अमीर अंतरिक्ष पर्यटक बने। सिराक डे सोलेइल संस्थापक गुई लालिबरेट 2009 में अंतरिक्ष में गए जिनकी यात्रा की टिकट साढ़े तीन करोड़ डॉलर में बुक हुई थी।

अपने पूर्ववर्तियों के विपरीत ब्रैंसन और बेजोस की उड़ानें उप-कक्षीय थीं क्योंकि वे उस गति पर नहीं पहुंचे जो पृथ्वी का चक्कर लगाने के लिए आवश्यक होती है। बेजोस की उड़ान केवल 10 मिनट की रही। उप-कक्षीय उड़ानें तकनीकी रूप से ज्यादा जटिल नहीं होती हैं और सैद्धांतिक रूप से सस्ती होती हैं (यद्यपि न्यू शेपर्ड उड़ान की एक सीट की नीलामी दो करोड़ 80 लाख डॉलर में हुई।)

लेकिन यात्रा पर जाने से पहले कल्पना कीजिए कि आप इसे वहन करने के लिए पर्याप्त रूप से भाग्यशाली हैं-यहां विचार करने के लिए कुछ चीजें हैं।

अंतरिक्ष कहां से शुरू होता है, किसी न किसी तरह?

दावों के बावजूद ‘‘बाह्य अंतरिक्ष’’ की कोई कानूनी परिभाषा नहीं है, और इसलिए कोई ऐसी आधिकारिक सीमा नहीं है जहां वायुक्षेत्र समाप्त होता है और अंतरिक्ष शुरू होता है।

विगत में, इंटरनेशनल एरोनॉटिकल फेडरेशन ने वोन कारमन लाइन की ओर देखा, लेकिन यह किसी वायुमंडल की वैज्ञानिक रूप से परिभाषित परतों की किसी सीमा से मेल नहीं खाती और इसलिए, ऐसे मुद्दों को देखने वाली यूएन कमेटी ऑन पीसफुल यूजेज ऑफ आउटर स्पेस अब तक इस सवाल का समाधान नहीं कर सकी है।

ब्रैंसन के लिए सुविधाजनक रूप से कुछ विशेषज्ञों ने 80 किलोमीटर की ऊंचाई को अंतरिक्ष की शुरुआत बताया है।

बाह्य अंतरिक्ष अविवादित रूप से भौतिक भू-राजनीति से प्रभावित है। आवश्यक रूप से, अंतरिक्ष जाने वाले बड़े देशों को कानूनी रूप से परिभाषित ऐसी किसी सीमा की आवश्यकता दिखाई नहीं देती जो उनकी संप्रभुता की ऊपरी सीमाओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित करे।

क्या आप अंतरिक्ष यात्री बनना चाहेंगे?

1967 की संयुक्त राष्ट्र बाह्य अंतरिक्ष संधि कहती है कि अंतरिक्ष यात्री बाह्य अंतरिक्ष में मानवता के दूत हैं। निश्चित तौर पर, यह तब दिखा जब विश्व ने अपोलो 11 के चांद पर उतरने की ऐतिहासिक घटना को देखा और अपोलो 13 कैप्सूल की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की।

हालांकि, 1968 का यूएन रेस्क्यू एग्रीमेंट ‘‘अंतरिक्ष यान के कर्मियों’’ का जिक्र करते हुए कहता है कि यान में सवार हर व्यक्ति को पूर्ण अंतरिक्ष यात्री नहीं माना जाना चाहिए।

नि:संदेह ये कानूनी चीजें अंतरिक्ष पर्यटन कंपनियों को अपने यात्रियों को ‘‘अंतरिक्ष यात्री’’ होने का तमगा देने से नहीं रोक सकतीं।

जब चीजें गलत हो जाएं तो कौन सा कानून लागू होता है?

1986 में चैलेंजर और 2003 में कोलंबिया शटल संबंधी दुर्घटनाएं अंतरिक्ष यात्रा के खतरों की याद दिलाती हैं। मानव अंतरिक्ष यात्रा में हमेशा प्रशिक्षित यात्रियों के लिए निर्धारक स्वीकार्य जोखिम रहे हैं। लेकिन वाणिज्यिक अंतरिक्ष पर्यटन राज्य प्रायोजित अंतरिक्ष कार्यक्रमों से भिन्न है, और इसे उच्चतम संभावित सुरक्षा मानकों की आवश्यकता होगी।

वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्रा को अंतरिक्ष यात्रियों के चोटिल होने या उन्हें क्षति होने के मामलों में दायित्व और जवाबदेही प्रणाली की आवश्यकता होगी।

अंतरिक्ष पर्यटक (या उनके परिवार) 1972 संयुक्त राष्ट्र दायित्व संधि के तहत मुआवजे की मांग नहीं कर सकते, अंतरिक्ष के मामले में, यह केवल उपग्रहों और अंतरिक्ष मलबे जैसी अंतरिक्ष वस्तुओं के बीच टक्कर के मामले में लागू होता है। हालांकि राष्ट्रीय कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई करने की गुंजाइश हो सकती है, ऐसी संभावना है कि अंतरिक्ष पर्यटकों से दायित्व संबंधी चीजों पर सावधानी से हस्ताक्षर करने को कहा जाएगा।

संभवत: यही अंतरराष्ट्रीय वायु कानून के मामले में सच है जो ‘‘विमान’’ पर लागू होता है-अंतरिक्ष पर्यटन ऑपरेटर समझ में आने लायक ढंग से अनदेखी करने के इच्छुक होंगे।

अंतत:, हमें इन उप-कक्षीय उड़ानों और कक्षा से गुजरने वाले परिवहन जिसके तहत कल्पना है कि ये उड़ान एक दिन यात्रियों को सिडनी से लंदन तक कुछ ही घंटों में पहुंचा देंगी, को नियमों के दायरे में रखने के लिए ‘‘अंतरिक्ष कानून’’ की जरूरत होगी।

अंतरिक्ष में किन गतिविधियों की अनुमति होनी चाहिए?

अंतरिक्ष पर्यटन का उभार कुछ रोचक नैतिक सवाल उत्पन्न करेगा। क्या अंतरिक्ष में विज्ञापन संबंधी बिल बोर्ड होने चाहिए? कसिनो या चकलाघरों के बारे में क्या? इन चीजों को रोकने के लिए क्या कानूनी आधार होने चाहिए?

अंतरिक्ष कानून की विचारधारा के लिहाज से पर्यटन किस तरह फिट बैठता है: अन्वेषण और बाह्य अंतरिक्ष का उपयोग ‘‘क्या सभी देशों के लाभ और हितों के लिए किया जाएगा?’’

क्या अंतरिक्ष पर्यटन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा?

अंतरिक्ष पर्यटन से नि:संदेह धरती के वातावरण पर असर पड़ेगा-ऐसे दावे हैं कि अंतरिक्ष यान एक दिन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन का सबसे बड़े स्रोत बन सकते हैं। हमें भीषण टक्करों से बचने और अंतरिक्ष मलबे को साफ करने के लिए अंतरिक्ष यातायात को सावधानी से प्रबंधित करने की जरूरत होगी।

यदि पर्यटक चंद्रमा पर जाते हैं तो वे प्रदूषण फैला सकते हैं या पूर्व की अन्वेषण विरासत को नुकसान पहुंचा सकते हैं जैसे कि नील आर्मस्ट्रांग के पदचिह्नों को।

क्या पर्यटन कर्मियों को अंतरिक्ष में रहना होगा?

यदि अंतरिक्ष पर्यटन असल में व्यापक हो जाता है, तो इसके लिए अवसंरचना और यहां तक कि कर्मियों की आवश्यकता होगी। लोग स्थायी रूप से अंतरिक्ष बस्तियों में रह सकते हैं, और वहां बच्चे पैदा कर सकते हैं जो ‘‘अंतरिक्ष नागरिक’’ के रूप में जन्म लेंगे। यदि वे चांद पर पैदा होते हैं तो उनके कानूनी अधिकार क्या होंगे? क्या वे लौकिक कानूनों का विषय होंगे या बाह्य अंतरिक्ष के लिए मौजूदा अंतरराष्ट्रीय नियमों के किसी स्वरूप का?

स्पष्ट तौर पर ये भविष्य से जुड़े सवाल हैं। लेकिन कुछ अमीरों की संक्षिप्त अंतरिक्ष यात्राओं से उत्पन्न हुई उमंग के बीच हमें अब उनपर विचार करने की शुरुआत करनी चाहिए। बाह्य अंतरिक्ष एक नया मोर्चा है, लेकिन यह कानून विहीन स्थान नहीं होना चाहिए।

(द कन्वर्सेशन)

नेत्रपाल पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)