पुरुष संरक्षक के बिना रहने वाली एवं अविवाहित अफगान महिलाओं पर प्रतिबंध लगा रहा तालिबान : संरा

पुरुष संरक्षक के बिना रहने वाली एवं अविवाहित अफगान महिलाओं पर प्रतिबंध लगा रहा तालिबान : संरा

पुरुष संरक्षक के बिना रहने वाली एवं अविवाहित अफगान महिलाओं पर प्रतिबंध लगा रहा तालिबान : संरा
Modified Date: January 22, 2024 / 08:07 pm IST
Published Date: January 22, 2024 8:07 pm IST

इस्लामाबाद, 22 जनवरी (एपी) अफगानिस्तान में अविवाहित महिलाओं या ऐसी महिलाओं पर तालिबान विभिन्न तरह के प्रतिबंध लगा रहा है, जो किसी पुरुष संरक्षक यानी महरम के बिना रह रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सोमवार को यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष संरक्षक के बिना रहने वाली महिलाओं के काम करने, यात्रा करने और स्वास्थ्य सेवा तक उनकी पहुंच पर तालिबान ने प्रतिबंध लगाए हैं।

रिपोर्ट में एक घटना का जिक्र किया गया है जिसमें अफगानिस्तान के आचरण संबंधी मंत्रालय के अधिकारियों ने एक महिला को सलाह दी कि यदि वह स्वास्थ्य सेवा केंद्र में अपनी नौकरी जारी रखना चाहती है तो वह निकाह कर ले, क्योंकि ‘‘ऐसी महिला का नौकरी करना अनुचित है जो शादीशुदा नहीं है।’’

तालिबान ने 2021 में सत्ता में आने के बाद उदारवादी रुख अपनाने का वादा किया था लेकिन उसने महिलाओं पर कई प्रतिबंध लगाए हैं और छठी कक्षा के बाद उनके शिक्षा ग्रहण करने पर भी रोक लगा दी है। उसने ब्यूटी पार्लर बंद कर दिए हैं और महिलाओं के परिधान संबंधी कई नियम लागू किए हैं। तालिबान शासन में हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।

तालिबान ने मई 2022 में एक आदेश जारी किया था जिसमें महिलाओं से कहा गया कि उनकी केवल आंखें दिखनी चाहिए और उन्हें सिर से पैर तक बुर्का पहनना होगा। तालिबान के पिछले शासन में 1996 और 2001 के बीच इसी प्रकार का फरमान लागू था।

अफगानिस्तान स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन ने पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर तक की अपनी नवीनतम तिमाही रिपोर्ट में कहा कि तालिबान उन अफगान महिलाओं पर प्रतिबंध लगा रहा है जो अकेली हैं या जिनके साथ कोई पुरुष संरक्षक या महरम नहीं है।

अफगानिस्तान में पुरुष संरक्षक के संबंध में कोई आधिकारिक कानून नहीं है, लेकिन तालिबान ने कहा है कि यदि महिलाओं को यात्रा करनी है तो उनके साथ ऐसा कोई पुरुष होना चाहिए जिससे उनका खून का रिश्ता हो या जो उनका पति हो।

रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले साल अक्टूबर में तीन महिला स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को इसलिए हिरासत में लिया गया था क्योंकि वे बिना महरम के काम पर जा रही थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके परिवारों द्वारा इस बात की लिखित गारंटी दिए जाने के बाद उन्हें रिहा किया गया कि वे ऐसा दोबारा नहीं करेंगी।

महिलाओं को गर्भनिरोधक खरीदने के लिए भी गिरफ्तार किया गया है जबकि तालिबान ने इस पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर तालिबान के मंत्रालय ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

एपी सिम्मी शफीक

शफीक


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