बिहार की चार लोकसभा सीट पर शाम छह बजे तक 48.23 प्रतिशत मतदान हुआ |

बिहार की चार लोकसभा सीट पर शाम छह बजे तक 48.23 प्रतिशत मतदान हुआ

बिहार की चार लोकसभा सीट पर शाम छह बजे तक 48.23 प्रतिशत मतदान हुआ

:   Modified Date:  April 19, 2024 / 09:00 PM IST, Published Date : April 19, 2024/9:00 pm IST

(फोटो के साथ)

पटना, 19 अप्रैल (भाषा) लोकसभा चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को शाम छह बजे तक बिहार की चार सीट पर 76 लाख मतदाताओं में से लगभग 48.23 प्रतिशत ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

बिहार के मुख्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

इन सीटों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारू रूप से मतदान संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 7,903 मतदान केंद्र बनाये थे, जिनमें से अधिकांश को नक्सली हिंसा का पुराना इतिहास होने के कारण ‘‘संवेदनशील’’ केंद्रों के रूप में चिह्नित किया गया था।

औरंगाबाद में लगभग 50, गया में 52, नवादा में 41.50 और जमुई में 50 प्रतिशत मतदान हुआ।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान इन सीट पर शाम छह बजे तक मतदान प्रतिशत 53.47 रहा था।

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान औरंगाबाद में शाम छह बजे तक 53.63, गया में 56.16 प्रतिशत नवादा में 49.33, और जमुई में 55.21 प्रतिशत मतदान हुआ था।

नक्सल प्रभावित इन क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के लिए और मतदाताओं में विश्वास पैदा करने के उद्देश्य से एक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गयी थी।

निर्वाचन आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने का दावा करते हुए कहा कि नवादा और औरगांबाद जिले के कुल सात मतदान केंद्रों पर विकास के विभिन्न मुद्दों को लेकर वोटिंग का बहिष्कार किए जाने की सूचना मिली।

आयोग ने कहा कि मतदान के दौरान कुल 53 शिकायत प्राप्त हुईं, जिनका समय पर निपटान कर दिया गया।

इन चारों सीट पर कुल 38 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 35 पुरुष और तीन महिला प्रत्याशी थीं।

औरंगाबाद सीट पर नौ उम्मीदवार थे, जहां मुख्य मुकाबला भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार के अभय कुशवाहा के बीच था।

कुशवाहा ने पिछले महीने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) छोड़कर राजद का दामन थामा था।

गया में सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इस सीट पर राजग के प्रत्याशी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का मुकाबला राजद के कुमार सर्वजीत से था।

पूर्व मंत्री और बोधगया सीट से मौजूदा विधायक सर्वजीत के दिवंगत पिता राजेश कुमार 1990 के दशक में गया के सांसद थे।

नवादा में कुल आठ उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर और राजद के श्रवण कुशवाहा के बीच था। राजद के पूर्व विधायक राज वल्लभ यादव के छोटे भाई विनोद यादव के निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरने से यहां लड़ाई त्रिकोणीय हो गई।

जमुई में सबसे कम सात उम्मीदवार चुनावी मैदान थे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अरुण भारती और राजद की अर्चना रविदास के बीच था।

भारती लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और जमुई से मौजूदा सांसद चिराग पासवान के बहनोई हैं।

जमुई का लगातार दो बार प्रतिनिधित्व करने के बाद चिराग पासवान इसबार अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की पुरानी सीट हाजीपुर से अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

भारती जहां एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से हैं, वहीं अर्चना रविदास एक जमीनी स्तर की राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।

भाषा अनवर जोहेब

जोहेब

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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