आईटी क्रांति की शुरुआत के वक्त बड़े घोटालों, नीतिगत लकवे से युवाओं के सपने तबाह हो गए थे : मोदी

आईटी क्रांति की शुरुआत के वक्त बड़े घोटालों, नीतिगत लकवे से युवाओं के सपने तबाह हो गए थे : मोदी

: , May 13, 2022 / 10:13 PM IST

इंदौर, 13 मई (भाषा) कांग्रेस की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देश में 1990 के दशक के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्रांति से बने माहौल को भुनाया नहीं जा सका और बड़े घोटालों, नीतिगत लकवे तथा भाई-भतीजावाद के चलते युवाओं की एक समूची पीढ़ी के सपने तबाह हो गए।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा तय दिशा में स्पष्ट लक्ष्य और सोची-समझी रणनीति के साथ शुरू किए गए प्रयासों के कारण पिछले आठ साल के दौरान देश में मान्यताप्राप्त स्टार्टअप की तादाद 300-400 से बढ़कर करीब 70,000 पर पहुंच गई है और हर आठ से 10 दिन के भीतर एक स्टार्टअप ‘‘यूनिकॉर्न’’ में तब्दील हो रहा है, यानी इस कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये का स्तर पार कर रहा है।

मोदी ने मध्य प्रदेश सरकार की नयी स्टार्टअप नीति और इसकी कार्यान्वयन योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये औपचारिक शुरुआत के दौरान नये उद्यमियों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा,‘‘वर्ष 2014 में जब हमारी सरकार आई थी, तब देश में स्टार्टअप की तादाद 300-400 तक सीमित थी और उद्योग जगत के तकनीकी गलियारों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में स्टार्टअप की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन आठ साल के छोटे-से कालखंड के बाद आज देश में करीब 70,000 सरकारी मान्यताप्राप्त स्टार्टअप हैं और हमारा देश दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बन चुका है।’’

मोदी ने कहा,‘‘भारत के युवाओं में नवाचारी विचारों से समस्याओं के समाधान की ललक हमेशा रही है और इसका अनुभव हमने देश की आईटी क्रांति के शुरुआती दौर में भी किया। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उस दौर में हमारे युवाओं को (सरकार द्वारा) जरूरी प्रोत्साहन और समर्थन नहीं दिया गया।’’

उन्होंने 1990 के दशक की ओर साफ इशारा करते हुए कहा कि देश में आईटी क्रांति से बने माहौल को सही दिशा दिए जाने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘हमने देखा कि एक पूरा दशक बड़े-बड़े घोटालों, नीतिगत लकवे और भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ गया जिससे एक समूची पीढ़ी के सपने तबाह हो गए जबकि उस समय भी हमारे युवाओं के पास नवाचारी विचार थे। लेकिन ये विचार पहले की सरकारों के कार्यकाल के दौरान उचित नीतियों के अभाव में उलझकर रह गए।’’

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने नीतिगत प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी प्रक्रियाओं के सरलीकरण के जरिये नवाचार के लिए युवाओं की मानसिकता में बदलाव किया, जिससे आज स्टार्टअप आम लोगों की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा और सामान्य भारतीय नौजवान के सपने पूरे करने का सशक्त माध्यम बन गए हैं।

प्रधानमंत्री ने देश के छोटे शहरों और कस्बों तक स्टार्टअप के तेज विस्तार को रेखांकित करते हुए कहा कि मौजूदा स्टार्टअप 50 से ज्यादा उद्योगों से जुड़े हैं और कृषि, खुदरा कारोबार व स्वास्थ्य के क्षेत्रों में लगातार नये उद्यम उभर रहे हैं।

भाषा हर्ष राजकुमार पाण्डेय

पाण्डेय

 

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