फरवरी के अंत तक राजकोषीय घाटा सालाना लक्ष्य के 86.5 प्रतिशत पर

फरवरी के अंत तक राजकोषीय घाटा सालाना लक्ष्य के 86.5 प्रतिशत पर

फरवरी के अंत तक राजकोषीय घाटा सालाना लक्ष्य के 86.5 प्रतिशत पर
Modified Date: March 28, 2024 / 04:37 pm IST
Published Date: March 28, 2024 4:37 pm IST

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) सरकार का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष (2023-24) में फरवरी के अंत तक संशोधित लक्ष्य का 86.5 प्रतिशत या 15 लाख करोड़ रुपये रहा है। बृहस्पतिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

बीते वित्त वर्ष की समान अ‍वधि में राजकोषीय घाटा यानी व्यय और राजस्व का अंतर बजट 2022-23 के संशोधित अनुमान (आरई) का 82.8 प्रतिशत रहा था।

चालू वित्त वर्ष (2023-24) में राजकोषीय घाटा 17.35 लाख करोड़ रुपये या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

लेखा महानियंत्रक (सीजीए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2024 तक सरकार की कुल प्राप्तियां 22.45 लाख करोड़ रुपये रही हैं। यह 2023-24 के संशोधित अनुमान का 81.5 प्रतिशत है।

केंद्र द्वारा किया गया कुल व्यय 37.47 लाख करोड़ रुपये रहा, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान का 83.4 प्रतिशत है।

भाषा अनुराग अजय

अजय


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