‘वैश्विक खाद्य समस्या का समाधान जलवायु संकट के साथ हो’

‘वैश्विक खाद्य समस्या का समाधान जलवायु संकट के साथ हो’

: , May 24, 2022 / 08:48 PM IST

दावोस, 24 मई (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में दिग्गजों ने मंगलवार को यहां कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से अनिश्चित आपूर्ति श्रृंखला, उर्वरक की कीमतों में वृद्धि और अनाज के निर्यात अवरुद्ध होने से दुनिया भर में खाद्य असुरक्षा बढ़ी है। इन लोगों ने वैश्विक खाद्य समस्या को जलवायु संकट के साथ-साथ हल करने का आह्वान किया है।

यूक्रेन में अस्थिरता पहले से ही अनिश्चित वैश्विक खाद्य सुरक्षा परिस्थिति को और गंभीर होने की चेतावनी दे रही है।

उर्वरकों की बढ़ती कीमतों और यूक्रेन से निर्यात बाधित होने से स्थिति विकट हो गयी है। क्योंकि इस संकट से अब हर रात 80 करोड़ लोगों के भूखे रहने का अनुमान है। यूक्रेन के बंदरगाहों की रूसी नाकेबंदी ने दुनिया के विभिन्न देशों का ध्यान बढ़ती खाद्य असुरक्षा की ओर खींचा है।

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डेविड बेस्ली ने कहा, ‘‘बंदरगाहों को खोलने में विफलता वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर युद्ध की घोषणा है।’’

महामारी ने अकाल और खाद्य असुरक्षा को कम करने के वैश्विक प्रयासों को पहले ही जटिल कर दिया था और ये चुनौतियां अब यूक्रेन में संघर्ष के साथ तेज हुई हैं।

एक परिचर्चा में, विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि खाद्य असुरक्षा न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि भू-राजनीति और सुरक्षा के लिए भी एक समस्या है।

सिंजेंटा ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जे एरिक फाएरवाल्ड ने कहा, ‘‘कृषि को जलवायु परिवर्तन के समाधान और खाद्य सुरक्षा के समाधान का हिस्सा होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि लक्ष्य कम भूमि पर अधिक भोजन उगाना होना चाहिए और ऐसा करने के लिए, किसान जैविक और पारंपरिक खेती दोनों से सर्वोत्तम गतिविधियों को अपना सकते हैं।

कुछ दिग्गजों ने कहा कि अफ्रीका वैश्विक खाद्य सुरक्षा में सुधार करने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है, लेकिन इस महाद्वीप को कृषि उत्पादकता को खोलने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लक्ष्य के बारे में तंजानिया के उप-राष्ट्रपति फिलिप इस्डोर मपांगो ने कहा, ‘‘अगर हम बंदूकों को खामोश नहीं कराते हैं, तो कोई भी चीज काम नहीं करेगी।’’

उन्होंने महाद्वीप की युवा आबादी का जिक्र किया। जिसमें लगभग 70 प्रतिशत आबादी 25 या उससे कम उम्र की है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए युवाओं को शामिल करने की आवश्यकता है। ‘‘हमें रणनीति बनानी चाहिए ताकि हमारे पास कृषि मूल्य श्रृंखला में युवा आबादी शामिल हो।’’

संयुक्त अरब अमीरात की जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण मंत्री मरियम मोहम्मद सईद अल महेरी ने कहा कि इस संदर्भ में अमीर और विकासशील दोनों देशों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुनिया को खिलाने के लिए वर्ष 2050 तक खाद्य उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की जरूरत है। ऐसे में ‘‘वैश्विक खाद्य संकट को हल करना हर किसी की जिम्मेदारी है।’’

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

 

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