मिजोरम में बारिश के दौरान पत्थर की खदान धंसने से 17 लोगों की मौत |

मिजोरम में बारिश के दौरान पत्थर की खदान धंसने से 17 लोगों की मौत

मिजोरम में बारिश के दौरान पत्थर की खदान धंसने से 17 लोगों की मौत

:   Modified Date:  May 28, 2024 / 07:19 PM IST, Published Date : May 28, 2024/7:19 pm IST

(फोटो के साथ)

आइजोल, 28 मई (भाषा) मिजोरम के आइजोल जिले में ‘रेमल’ चक्रवात के प्रभाव से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार सुबह पत्थर की खदान धंसने से दो नाबालिग समेत कम के कम 17 लोगों की मौत हो गई जबकि छह-सात अन्य लोग लापता हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य की राजधानी के दूसरे इलाकों में भी भूस्खलन के चलते कई अन्य लोग लापता हो गए हैं।

घटना आइजोल शहर के दक्षिणी बाहरी हिस्से में स्थित मेल्थम और ह्लिमेन के बीच के इलाके में सुबह करीब छह बजे हुई।

मिजोरम के पुलिस महानिदेशक अनिल शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने अब तक 17 शव बरामद कर लिए हैं और बचाव अभियान जारी है। हमें आशंका है कि छह-सात और लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण आपदा स्थल पर बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। शुक्ला ने कहा कि बारिश के कारण राज्य में कई अन्य स्थानों पर भूस्खलन हुआ और कम से कम दो लोग बह गए।

आइजोल के उपायुक्त नाजुक कुमार ने कहा कि जब तक मलबा साफ नहीं हो जाता, तब तक तलाश अभियान जारी रहेगा।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि पत्थर खदान धंसने से मरने वालों में चार साल का लड़का और छह साल की लड़की शामिल है।

उन्होंने कहा, “हमने घटनास्थल से दो लोगों को जिंदा बचाया है।”

एक अधिकारी ने बताया कि आइजोल के सेलम वेंग में भूस्खलन से एक इमारत नष्ट हो गई, जिसके बाद से तीन लोग लापता हैं, और उनकी तलाश की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि हुनथर में राष्ट्रीय राजमार्ग छह पर भूस्खलन के कारण आइजोल का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा कई अंतर-राज्य राजमार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए गृह मंत्री के सपडांगा, मुख्य सचिव रेनू शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई।

मुख्यमंत्री ने खदान धंसने और बारिश के कारण हुई आपदाओं में मारे गए लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

उन्होंने खदान धंसने से मारे गए आठ मिजो लोगों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये के चेक सौंपे और कहा कि शेष राशि उन्हें जल्द ही दी जाएगी।

गृह मंत्री के सपडांगा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”चार गैर-आदिवासी लोगों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। यदि वे मिजोरम के स्थायी निवासी हैं, तो उन्हें अनुग्रह राशि दी जाएगी। यदि वे अस्थायी रूप से काम करने के लिए यहां आए हैं, तो उनके परिवार को कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।’

लालदुहोमा ने कहा कि सरकार ने चक्रवात रेमल के परिणामस्वरूप हुई बारिश से संबंधित आपदाओं से निपटने के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।

बाद में, लालदुहोमा ने आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के मंत्री सपडांगा के साथ स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्यों की निगरानी करने के लिए पत्थर खदान स्थल का दौरा किया।

बारिश के कारण, सभी स्कूल बंद कर दिए गए है और आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों को छोड़कर सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है।

इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आइजोल से लगभग 21 किलोमीटर दूर सैरांग गांव में तलावंग नदी में अभूतपूर्व बाढ़ के कारण 30 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘नदी के किनारे स्थित कई खेत पानी में डूब गए हैं। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।’

आइजोल शहर में, कुछ कब्रिस्तान भी भूस्खलन से बह गए हैं, और 150 से अधिक कब्रें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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