असम सरकार ने दरांग में 600 परिवारों को स्थानांतरित करने के लिए अभियान चलाया |

असम सरकार ने दरांग में 600 परिवारों को स्थानांतरित करने के लिए अभियान चलाया

असम सरकार ने दरांग में 600 परिवारों को स्थानांतरित करने के लिए अभियान चलाया

:   Modified Date:  May 21, 2024 / 06:55 PM IST, Published Date : May 21, 2024/6:55 pm IST

गुवाहाटी, 21 मई (भाषा) असम सरकार दो साल पहले बेदखली अभियान के दौरान विस्थापित हुए लगभग 600 परिवारों को दरांग जिले के गोरुखुटी में उनके अस्थायी आवास से स्थानांतरित करने के लिए एक अभियान चला रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

प्रभावित परिवारों ने दावा किया है कि गोरुखुटी के दो स्थानों पर 620 घर पहले ही नष्ट हो चुके हैं और कार्रवाई अब भी जारी है।

दरांग जिला आयुक्त मुनींद्र नाथ नगेटी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परिवारों को बेदखल नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें सिपाझार राजस्व परिक्षेत्र से पास के डलगांव राजस्व परिक्षेत्र के ‘चार’ (नदी के द्वीप) क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2021 के बेदखली अभियान के दौरान लगभग 2,300 परिवार विस्थापित हो गए और वे गोरुखुटी के कुछ अन्य इलाकों में अस्थायी आवास में रहने लगे। हम तब से उन्हें प्रशासन द्वारा निर्दिष्ट अन्य स्थानों पर स्थानांतरित होने के लिए कह रहे हैं।’’

मुनींद्र ने कहा कि प्रशासन ने इन विस्थापित परिवारों के स्थायी बसावट के लिए मागुरमारी, श्यामपुर, कलाईचर और अरिमारी ‘चार’ की पहचान की है।

उन्होंने दावा किया कि 2,300 परिवारों में से अधिकांश स्थानांतरित हो गए थे, लेकिन केवल 550 परिवार ही बचे थे। उन्होंने कहा कि सोमवार से शेष परिवारों को भी स्थानांतरित किया जा रहा है और उनके सामान स्थानांतरित करने के लिए ट्रैक्टर उपलब्ध कराए गए हैं।

वर्ष 2021 की स्थिति की पुनरावृत्ति से बचने के लिए लोगों को स्थानांतरित करने के अभियान को लेकर भारी पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी।

प्रभावित युवक आफताब अली ने कहा, ‘‘कल से अब तक 620 घर बुलडोजर से पूरी तरह नष्ट कर दिये गये हैं। हमने कई कीमती सामान भी खो दिया है। हम कुछ दिन पहले नई जगह देखने गए थे, लेकिन वहां नदी की रेत के अलावा कुछ नहीं है।’’

उन्होंने दावा किया कि ब्रह्मपुत्र से जमा हुई अत्यधिक रेत की उपस्थिति के कारण वे नए निर्दिष्ट स्थान पर कोई खेती नहीं कर पाएंगे, जो गोरुखुटी लोगों का मुख्य आधार है।

वर्ष 2021 में 20 और 23 सितंबर को गोरुखुटी के ढालपुर एक, दो और तीन गांवों में लगभग 1,200 से 1,400 घर, जो ज्यादातर बंगाली भाषी मुसलमानों के थे, नेस्तनाबूद कर दिये गये, जिससे 7,000 से अधिक लोग बेघर हो गए। इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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