शपथ ग्रहण समारोह: दिल्ली नौ-10 जून को ‘उड़ान निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित |

शपथ ग्रहण समारोह: दिल्ली नौ-10 जून को ‘उड़ान निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित

शपथ ग्रहण समारोह: दिल्ली नौ-10 जून को ‘उड़ान निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित

:   Modified Date:  June 7, 2024 / 09:59 PM IST, Published Date : June 7, 2024/9:59 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नौ और 10 जून के लिए राष्ट्रीय राजधानी को ‘उड़ान निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित किया है और निषेधाज्ञा लागू की है। पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में यह कहा गया।

मोदी प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल के लिए नौ जून को शपथ ग्रहण करेंगे।

दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी और राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनी, राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) कमांडो, ड्रोन और ‘स्नाइपर’ (अचूक निशानची) को तैनात किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए दक्षेस (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) के सदस्य देशों की गणमान्य हस्तियों को आमंत्रित किए जाने के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी ‘हाई अलर्ट’ पर रहेगी।

पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निषेधाज्ञा नौ और 10 जून को दो दिन तक लागू रहेगी।

अरोड़ा ने आदेश में कहा, ‘‘ऐसा बताया गया है कि भारत के प्रति शत्रुता रखने वाले कुछ आपराधिक, असामाजिक तत्व या आतंकवादी आम जनता, गणमान्य व्यक्तियों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 द्वारा उन्हें प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर दिल्ली के हवाई क्षेत्र में उड़ान निषेध रहेगा और इसका उल्लंघन करना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा।

उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने वाले गणमान्य व्यक्तियों के उनके होटल से समारोह स्थल जाने और वापस आने के लिए निर्दिष्ट मार्गों की व्यवस्था की जाएगी।

शपथ ग्रहण समारोह में बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, भूटान, नेपाल, मॉरीशस और सेशेल्स के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। शहर के लीला, ताज, आईटीसी मौर्या, क्लेरिजेस और ओबेरॉय जैसे होटल को पहले ही सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।

समारोह के दिन दिल्ली पुलिस के स्वाट और एनएसजी के कमांडो राष्ट्रपति भवन एवं विभिन्न अहम स्थानों के आसपास तैनात रहेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने समारोह के मद्देनजर सुरक्षा योजना बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय और नयी दिल्ली जिले में कई बैठकें कीं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चूंकि यह आयोजन राष्ट्रपति भवन के अंदर होना है, इसलिए परिसर के अंदर और बाहर तीन-स्तरीय सुरक्षा होगी। ‘बाहरी घेरे’ पर दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, उसके बाद अर्धसैनिक बल के जवान और ‘भीतरी घेरे’ में राष्ट्रपति भवन की आंतरिक सुरक्षा के जवान तैनात रहेंगे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अर्धसैनिक बलों और दिल्ली सशस्त्र पुलिस (डीएपी) के जवानों की पांच कंपनी सहित लगभग 2500 पुलिस कर्मियों को कार्यक्रम स्थल के आसपास तैनात किए जाने की योजना बनाई गई है।’’

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गणमान्य व्यक्ति जिन मार्गों का इस्तेमाल करेंगे, उन पर ‘स्नाइपर’ और सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे तथा नयी दिल्ली जिले में अहम स्थानों पर ड्रोन तैनात किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा घेरा पिछले वर्ष हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई व्यवस्था की तरह ही रहने की संभावना है।

अधिकारी ने बताया कि रविवार को दिल्ली के मध्य भाग की ओर जाने वाली कई सड़कें बंद की जा सकती हैं या सुबह से ही यातायात में बदलाव किया जा सकता है।

राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर शनिवार से ही जांच बढ़ा दी जाएगी।

मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 293 सीट जीतकर बहुमत हासिल किया है।

ऐसा माना जा रहा है कि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए विदेशी नेताओं की अतिथि सूची नयी दिल्ली की ‘‘पड़ोसी प्रथम’’ की नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण माने जाने वाले द्वीप देशों पर उसके रणनीतिक रूप से ध्यान केंद्रित करने के मद्देनजर तैयार की गई है।

भाषा सिम्मी माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)