आबकारी नीति मामला में दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ईडी के सामने पेश हुए |

आबकारी नीति मामला में दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ईडी के सामने पेश हुए

आबकारी नीति मामला में दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ईडी के सामने पेश हुए

:   Modified Date:  March 30, 2024 / 01:28 PM IST, Published Date : March 30, 2024/1:28 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कैलाश गहलोत दिल्ली की अब रद्द हो चुकी आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

नजफगढ़ से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक गहलोत (49) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में परिवहन, गृह और कानून मंत्री हैं।

कैलाश गहलोत को सुबह करीब साढ़े 11 बजे मध्य दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में प्रवेश करते देखा गया।

सूत्रों ने कहा कि गहलोत को मामले में पूछताछ के लिए उपस्थित होने और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है।

उनसे नीति के निर्माण के संबंध में पूछताछ की जा सकती है, क्योंकि वह 2021-22 के लिए नई शराब नीति की तैयारी और कार्यान्वयन के लिए पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ मंत्रियों के समूह का हिस्सा थे।

ईडी ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति के तहत ‘साउथ ग्रुप’ ने शराब कारोबार के लाइसेंस के एवज में आप और उसके नेताओं को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी। ‘साउथ ग्रुप’ में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के कविता शामिल थीं।

ईडी ने अपने आरोपपत्र में यह भी आरोप लगाया है कि गहलोत के पास एक ही सिम नंबर था लेकिन उनकी आईएमईआई (अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान) तीन बार बदली गई।

एजेंसी ने अपने आरोप पत्र में गहलोत के नाम का उल्लेख किया है और मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आप संचार प्रभारी विजय नायर के संदर्भ में कहा है कि नायर गहलोत को आवंटित सरकारी बंगले में रहते थे। गहलोत दक्षिण पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में रहते हैं।

किसी लोक सेवक द्वारा किसी अन्य को सरकारी आवास का उपयोग करने की अनुमति दिए जाने को आपराधिक विश्वासघात बताते हुए ईडी ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा था।

यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को तैयार करने और क्रियान्वित करने में कथित भ्रष्टाचार और धन शोधन से जुड़ा है।

दिल्ली सरकार की विवादित आबकारी नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने शराब नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया।

इस मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को ईडी ने पहले गिरफ्तार किया था और वे न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्यमंत्री केजरीवाल को ईडी ने धनशोधन मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था और बृहस्पतिवार को एक अदालत ने ईडी की उनकी हिरासत एक अप्रैल तक बढ़ा दी।

भाषा

योगेश मनीषा

मनीषा

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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