राजस्थान में मदरसा अनुदान पर देवनानी ने सवाल उठाया

राजस्थान में मदरसा अनुदान पर देवनानी ने सवाल उठाया

: , May 23, 2022 / 10:33 PM IST

जयपुर, 23 मई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा छोटे बच्चों को मदरसा में शिक्षा दिए जाने का विरोध करने के एक दिन बाद राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री और भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी ने सोमवार को मदरसा के लिये सरकारी अनुदान पर सवाल उठाया।

देवनानी ने ट्वीट में कहा ‘‘असम में ही क्यों राजस्थान में क्यों नहीं? असम में मदरसा बंद – सरकार के अनुदान प्राप्त मदरसा सिर्फ़ एक धर्म विशेष की शिक्षा कैसे दे सकता है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत के हर विद्यार्थी को धर्मनिरपेक्ष वैज्ञानिक शिक्षा मिलनी चाहिए।’’ देवनानी ने कहा कि ‘‘धार्मिक शिक्षा माता-पिता घर पर दें/दिलाएं,अगर उन्हें ज़रूरी लगती है तो।’’

उन्होंने सवाल किया कि ‘‘देश में सबके लिये प्राथमिक शिक्षा स्कूल है। फिर मदरसा में सरकारी अनुदान से धार्मिक शिक्षा क्यूं?’’

देवनानी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि देवनानी को माहौल बिगाडने की कोशिश करने की आदत है।

उन्होंने सवाल किया कि पिछले भाजपा शासन के दौरान मदरसों को अनुदान क्यों दिया गया था।

मंत्री मोहम्मद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘‘ मदरसों में लगभग दो लाख छात्र पढ़ रहे है। उन्हें सुविधाएं मिलनी चाहिए।’’

गौरतलब है कि छोटे बच्चों को मदरसा में शिक्षा दिए जाने का विरोध करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा था कि किसी भी धार्मिक संस्थान में प्रवेश उस उम्र में होना चाहिए जहां व्यक्ति अपने निर्णय खुद ले सकें।

सरमा ने कहा कि बच्चे मदरसे में जाने के लिये तैयार नहीं होंगे यदि उन्हें बताया जाए कि वे वहां पढ़ने के बाद डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ऐसे धार्मिक स्कूलों में प्रवेश देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

सरमा ने रविवार को नयी दिल्ली में कहा था कि ‘‘मदरसा शब्द ही खत्म हो जाना चाहिए। जब तक यह मदरसा दिमाग में रहेगा, बच्चे कभी डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन सकते।’’

भाषा कुंज धीरज

धीरज

 

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