हरियाणा बस हादसा: नियम विरुद्ध संचालित स्कूल बसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, जांच के लिए समिति गठित |

हरियाणा बस हादसा: नियम विरुद्ध संचालित स्कूल बसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, जांच के लिए समिति गठित

हरियाणा बस हादसा: नियम विरुद्ध संचालित स्कूल बसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, जांच के लिए समिति गठित

:   Modified Date:  April 12, 2024 / 09:15 PM IST, Published Date : April 12, 2024/9:15 pm IST

चंडीगढ़, 12 अप्रैल (भाषा) हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में एक दुर्घटना में छह विद्यार्थियों की मौत और 20 अन्य के घायल होने के एक दिन बाद जरूरी दस्तावेजों और वैध परमिट के बगैर नियम विरुद्ध संचालित स्कूल बसों पर कार्रवाई करने के लिए शुक्रवार को पूरे हरियाणाभर में एक विशेष अभियान चलाया गया।

हरियाणा के मुख्य सचिव टी वी एस एन प्रसाद ने नागरिक और पुलिस प्रशासन को अगले 10 दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों में सभी स्कूल बसों की फिटनेस की जांच करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, यातायात पुलिस सहित सभी संबंधित विभागों ने शुक्रवार को राज्य भर में विशेष अभियान चलाया ताकि यह जांच की जा सके कि सड़कों पर संचालित स्कूल बसें सभी मानदंडों का पालन कर रही हैं या नहीं और उनके पास वैध परमिट जैसे अन्य आवश्यक दस्तावेज हैं या नहीं।

एक अधिकारी ने कहा कि गुरुग्राम में लगभग 500 निजी स्कूलों की 2,700 बसों के मालिकों को दस्तावेजों की जांच और वाहन के फिटनेस सत्यापन के लिए प्रशासन द्वारा बुलाया गया था, जबकि बसों की जांच के लिए 13 अप्रैल और 14 अप्रैल को एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 45 बसों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने पर 16 बसों के चालान काटा गया, जबकि फिटनेस मानकों को पूरा नहीं करने पर 11 बसों को जब्त कर लिया गया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चंडीगढ़ में प्रशासन ने सभी स्कूल बस संचालकों को छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सुरक्षा मानकों को बनाए रखने का निर्देश जारी किया।

इसमें यह भी कहा गया है कि बस संचालकों को बसों में स्थापित सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम और ‘पैनिक बटन’ का सक्रिय स्थिति में रहना सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

इस बीच, प्रसाद ने एक आपात बैठक की अध्यक्षता की जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) जी अनुपमा ने उन्हें सूचित किया कि महेंद्रगढ़ जिला नगर निगम आयुक्त ने उस स्कूल के प्रबंधन का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है जिसकी बस दुर्घटना में शामिल थी।

पुलिस ने निजी स्कूल के प्रधानाचार्य और बस के चालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। चालक कथित तौर पर नशे में था और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए गहन जांच के तहत महेंद्रगढ़ की उपायुक्त मोनिका गुप्ता द्वारा समिति का गठन किया गया है।

गुप्ता की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक आदेश में कहा था कि, ‘‘उस दुखद घटना के आलोक में, जहां कनीना के जीएल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों को ले जा रही एक स्कूल बस उन्हाणी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे छह विद्यार्थियों की जान चली गई और कई विद्यार्थी घायल हो गए, यह जरूरी है कि गहन जांच की जाए ताकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।’’

आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच के लिए महेंद्रगढ़ के अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है ताकि तदनुसार आगे की जरूरी कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक अन्य आदेश के अनुसार, संबंधित अनुमंडलीय मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में स्कूल बसों का निरीक्षण करने के लिए सरकार द्वारा गठित महेंद्रगढ़ जिले की अनुमंडलीय स्तर की समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि शुक्रवार से स्कूल बसों की सुरक्षा के लिए तैयार किए गए अपेक्षित मानदंडों को पूरा किए बिना कोई भी स्कूल बस बच्चों के परिवहन में शामिल नहीं हो सके।

यह दुर्घटना महेंद्रगढ़ के कनीना के उन्हाणी गांव के पास उस समय हुई जब बस लगभग 40 विद्यार्थियों को जी एल पब्लिक स्कूल ले जा रही थी।

पुलिस ने कहा था कि चालक को दुर्घटनास्थल पर पकड़ लिया गया और उसकी चिकित्सकीय जांच से पुष्टि हुई कि वह शराब के नशे में था। उन्होंने यह भी कहा कि बस से जुड़े फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज नहीं थे।

भाषा संतोष माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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