केरल के राज्यपाल ने मत्स्यपालन विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति की नियुक्ति की |

केरल के राज्यपाल ने मत्स्यपालन विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति की नियुक्ति की

केरल के राज्यपाल ने मत्स्यपालन विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति की नियुक्ति की

: , November 29, 2022 / 08:07 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 23 नवंबर (भाषा) केरल में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में काम कर रहे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बुधवार को केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज (कुफोस) के एक प्रोफेसर की उसके (कुफोस के) अंतरिम कुलपति के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।

खान ने आदेश जारी किया कि जब तक नियमित कुलपति की नियुक्ति नहीं की जाती, कुफोस में मत्स्य पालन विज्ञान के संकाय डीन और प्रोफेसर डॉ एम रोजालिंड जॉर्ज अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से कुलपति के अधिकारों का उपयोग करते हुए दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

केरल उच्च न्यायालय ने 14 नवंबर को कुफोस के कुलपति के रूप में डॉ के रीजी जॉन की नियुक्ति को इस आधार पर रद्द कर दिया था कि उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों का उल्लंघन करते हुए नियुक्त किया गया। जिसके बाद राज्यपाल का फैसला आया।

अदालत ने चयन समिति को नियुक्त करने के लिए राज्यपाल द्वारा जारी 2020 की अधिसूचना, केवल एक नाम की सिफारिश करने के उसके 2021 के प्रस्ताव और जॉन को पांच साल की अवधि या 65 साल की उम्र होने तक, जो भी पहले हो, कुलपति नियुक्त करने के कुलाधिपति के 2021 के आदेश को रद्द कर दिया।

पीठ ने कुलाधिपति को यह निर्देश भी दिया था कि यूजीसी के नियमों के तहत जल्द से जल्द नामों की सिफारिश के लिए चयन समिति का गठन किया जाए।

उच्च न्यायालय का आदेश जॉन की नियुक्ति को चुनौती देते हुए कुलपति की चयन प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवेदकों की याचिकाओं पर आया।

खान ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के आधार पर कुफोस के कुलपति समेत 11 कुलपतियों के इस्तीफे मांगे थे। उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति की नियुक्ति को रद्द करते हुए कहा था कि यूजीसी के नियमों के अनुसार तीन उचित उम्मीदवारों के नाम की सूची कुलाधिपति को देनी होगी।

शीर्ष अदालत ने कहा था कि यूजीसी के नियमों के अनुसार शिक्षा क्षेत्र से बाहर के व्यक्ति को चयन समिति में नहीं रखा जाना चाहिए।

केरल में विश्वविद्यालयों के कामकाज और 11 कुलपतियों को हटाने के राज्यपाल के हालिया कदम के बाद राज्य सरकार और उनके बीच गतिरोध बढ़ गया है।

राज्यपाल ने आज यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद से उन्हें हटाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी अध्यादेश अब राज्य विधानसभा का सत्र बुलाये जाने के बाद बेकार हो गया है।

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)