जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा पर हमले के खिलाफ जंग में एकजुट होना होगा: महबूबा

जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा पर हमले के खिलाफ जंग में एकजुट होना होगा: महबूबा

जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा पर हमले के खिलाफ जंग में एकजुट होना होगा: महबूबा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: May 11, 2022 7:38 pm IST

श्रीनगर, 11 मई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी गरिमा पर हमले के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट होना होगा।

उन्होंने कहा कि अगस्त 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर जिन हालात से गुजर रहा है,उसमें और कोई रास्ता नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि यह परिस्थिति की मांग है कि सभी लोग एक जुट हो जाएं, चाहे वे गुज्जर हों या पहाड़ी, कश्मीरी, युवा या महिला।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर कई तरह की चुनौतियों का समाना कर रहा है। महबूबा ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों के भूमि स्वामित्व को खत्म करने की मंशा से कानून लाए जा रहे हैं। भूमि सौदों पर से स्टांप शुल्क खत्म करने का क्या मकसद है? हम इन चीजों को समझ रहे हैं।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत से कर्मचारियों पर बिना किसी सबूत के आतंकियों से संबंध रखने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित कर्मचारी अदालत जाने से डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भय है कि आरोप लगाकर उन्हें जेल में डाल दिया जाएगा।

महबूबा ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में मुस्लिमों की हालत कश्मीरी मुस्लिमों से बदतर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों पर हमले हो रहे हैं और ये दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं, अब वे ताज महल को मंदिर में बदलने की बात कर रहे हैं। मुगलों द्वारा स्थापित ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा।’’

भाषा संतोष उमा

उमा


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