अदालत ने थानों में सीसीटीवी कैमरे से जुड़ी याचिका पर दिल्ली पुलिस से रुख बताने को कहा |

अदालत ने थानों में सीसीटीवी कैमरे से जुड़ी याचिका पर दिल्ली पुलिस से रुख बताने को कहा

अदालत ने थानों में सीसीटीवी कैमरे से जुड़ी याचिका पर दिल्ली पुलिस से रुख बताने को कहा

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 08:20 PM IST, Published Date : April 28, 2022/10:33 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने यहां सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के अनुरोध से संबंधित एक याचिका पर बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस से अपना रुख बताने को कहा।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने चंद्रिल डबास की याचिका पर दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट भी मांगी। याचिका में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है कि सीसीटीवी फुटेज कम से कम एक वर्ष या अठारह महीने की अवधि के लिए सुरक्षित रखे जाएं।

याचिकाकर्ता की ओर से वकील मनन अग्रवाल अदालत में पेश हुए। याचिका में कहा गया है कि पिछले साल जून में, उन्हें कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा उस समय परेशान किया गया था और उन्हें धमकी दी गई थी जब कोविड​​​​-19 महामारी के दौरान आवाजाही के लिए जारी ई-पास के बिना वह पाए गए थे।

उन्होंने याचिका में दावा किया कि उन्होंने पुलिस को बताया कि ई-पास के लिए दस्तावेज लेने के लिए वह अपने कार्यस्थल पर जा रहे हैं लेकिन उन्हें संबंधित थाना ले जाया गया और कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।

याचिकाकर्ता की शिकायत थी कि जब दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया गया और सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई, तो पुलिस ने दावा किया कि विचाराधीन सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित नहीं रखा गया क्योंकि बैकअप केवल 18 दिनों के लिए था और थाने के खुले क्षेत्र को कवर करने वाला कैमरा भी काम नहीं कर रहा था।

याचिका में तर्क दिया गया है कि ऐसी स्थिति उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का उल्लंघन करती है जिसमें निर्देश दिया गया था कि सभी थानों में सीसीटीवी फुटेज को कम से कम 18 महीने तक सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।

भाषा अविनाश माधव

माधव

 

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