टीएमसी ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार की बंगालियों पर टिप्पणी के लिए आलोचना की |

टीएमसी ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार की बंगालियों पर टिप्पणी के लिए आलोचना की

टीएमसी ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार की बंगालियों पर टिप्पणी के लिए आलोचना की

:   Modified Date:  March 29, 2024 / 11:08 PM IST, Published Date : March 29, 2024/11:08 pm IST

कोलकाता, 29 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के लोगों पर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल की कुछ टिप्पणियों का हवाला देते हुए राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अर्थशास्त्री पर कोलकाता के निवासियों के प्रति नफरत भड़काने का आरोप लगाया है।

तृणमूल कांग्रेस द्वारा अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किये गए वीडियो में, सान्याल को यह टिप्पणी करते देखा जा सकता है कि कोलकाता के बंगाली ‘‘आकांक्षाओं की गरीबी’’ से पीड़ित हैं और ‘छद्म-बुद्धिजीवी’ बनने की आकांक्षा रखते हैं।

उन्होंने वीडियो में कहा कि ‘‘यदि यह आपकी आकांक्षा है, कि आप बैठकर धूम्रपान करें, शराब का सेवन करें और शेष विश्व पर निर्णय दें, तो मुझसे इनमें से किसी से कोई समस्या नहीं है।’’

साझा किये गए वीडियो क्लिप के अंत में वरिष्ठ अर्थशास्त्री यह कहते सुने जा सकते हैं, ‘‘यदि मृणाल सेन की फिल्म समाज की आकांक्षाएं हैं तो आपको जो मिलता है उसकी शिकायत मत कीजिए।’’

टीएमसी ने दावा किया कि बंगाली विरोधी नफरत फैलाने वालों ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं।

पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘…संजीव सान्याल ने खुलेआम हम पर ‘आकांक्षाओं की गरीबी’ का आरोप लगाकर बंगाल की गौरवशाली संस्कृति की आलोचना की और अपनी मूर्खता का परिचय दिया!’’

टीएमसी ने अर्थशास्त्री को आधुनिक समय के मीर जाफरों की सूची में एक और नाम बताया।

मीर जाफर ने बंगाल के नवाब सिराज-उद-दौला के तहत बंगाल की सेना के कमांडर के रूप में सेवा दी थी और 1757 में प्लासी की लड़ाई के दौरान उनके साथ विश्वासघात किया था, जिससे भारत में ब्रिटिश शासन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

टीएमसी ने कहा, ‘‘भाजपा के अपने बंगाली विरोधी नेताओं के नक्शे कदम पर चलते हुए, हमारे सांस्कृतिक प्रतीक मृणाल सेन और कोलकाता शहर की विपुल संस्कृति का मजाक उड़ाया। अगली बार जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल आएं तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह इस तरह के विचारों का समर्थन करते हैं।’’

टीएमसी के राज्यसभा सदस्य और पूर्व नौकरशाह जवाहर सरकार ने भी सान्याल की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री के चयनित आर्थिक सलाहकार 2014, 2019 (के लोकसभा चुनावों) में उन्हें निर्णायक रूप से खारिज करने के लिए बंगाल के प्रति मोदी की खुली नफरत को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। बंगाल से 18 सांसद होने के बावजूद केंद्र में राज्य से एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया। मीर जाफर जैसे लोग मोदी की मदद कर रहे हैं।’’

टीएमसी सांसद ने यह भी दावा किया कि यह अर्थशास्त्री अपने पूरे जीवन में दिल्ली और विदेश में रहे हैं और बंगाली वर्णमाला तक नहीं जानते हैं।

वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

भाषा सुभाष संतोष

संतोष

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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