सहायक स्टाफ के रूप में कार्यरत भारतीयों को कार्यमुक्त करने के लिए रूस पर सख्त दबाव :एमईए

सहायक स्टाफ के रूप में कार्यरत भारतीयों को कार्यमुक्त करने के लिए रूस पर सख्त दबाव :एमईए

सहायक स्टाफ के रूप में कार्यरत भारतीयों को कार्यमुक्त करने के लिए रूस पर सख्त दबाव :एमईए
Modified Date: March 15, 2024 / 10:25 pm IST
Published Date: March 15, 2024 10:25 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह रूसी सैन्य इकाइयों में सहायक स्टाफ के रूप में काम कर रहे भारतीयों को कार्यमुक्त करने के लिए रूस पर ‘बहुत कड़ा’ दबाव डाल रहा है।

भारत ने सहायक स्टाफ के रूप में कार्य कर रहे दो भारतीयों की मौत के बाद पिछले सप्ताह अपने नागरिकों से ऐसी नौकरियां करके अपनी जान जोखिम में न डालने का आह्वान किया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘हम वहां फंसे अपने लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए रूसी अधिकारियों पर बहुत दबाव डाल रहे हैं।’’

जायसवाल ने अपनी पिछली टिप्पणियों का भी हवाला दिया कि 20 भारतीयों ने मॉस्को में भारतीय दूतावास से संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि दोनों भारतीयों के शव वापस लाने के प्रयास जारी हैं।

जायसवाल ने कहा, ‘‘उनके शवों की कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अंतिम संस्कार से संबंधित जिस एजेंसी को हमने जिम्मेदारी दी है, उसे शव सौंप दिए गए हैं। हम मृतकों के परिजनों के संपर्क में हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम रूसी अधिकारियों के भी संपर्क में हैं और उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत तक शव भारत ले आए जाएंगे।’’

मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने पिछले हफ्ते हैदराबाद के मोहम्मद असफान की मौत की पुष्टि की थी, जिसे वेबकूफ बनाकर यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में शामिल किया गया था।

गुजरात के रहने वाले हेमल अश्विनभाई मंगुकिया (23) की मौत के बाद असफान रूस की ओर से लड़ते हुए मारे गये दूसरे भारतीय थे। मंगुकिया की पिछले महीने दोनेत्स्क क्षेत्र में सुरक्षा सहायक के रूप में सेवा करते समय यूक्रेनी हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी।

भाषा सुरेश रंजन

रंजन


लेखक के बारे में