किशोर के रक्त नमूने को बदलने का विचार ससून अस्पताल के चिकित्सकों का था : पुलिस

किशोर के रक्त नमूने को बदलने का विचार ससून अस्पताल के चिकित्सकों का था : पुलिस

किशोर के रक्त नमूने को बदलने का विचार ससून अस्पताल के चिकित्सकों का था : पुलिस
Modified Date: May 29, 2024 / 01:16 am IST
Published Date: May 29, 2024 1:16 am IST

पुणे, 28 मई (भाषा) महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित पोर्श कार दुघर्टना मामले में शामिल नाबालिग के पिता और ससून राजकीय अस्पताल के डॉ. अजय तावड़े कल्याणी नगर में हुई दुर्घटना के बाद लगातार संपर्क में थे। पुलिस ने मंगलवार को दावा किया।

पुलिस के मुताबिक सरकारी चिकित्सक ने सबसे पहले विचार व्यक्त किया कि रक्त के नमूनों की अदला-बदली की जा सकती है।

किशोर के पिता एवं रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल और डॉ. तावड़े को 19 मई की दुर्घटना के बाद संबंधित मामलों में गिरफ्तार किया गया है। इस हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी जबकि हादसे के समय लग्जरी कार चला रहे 17 वर्षीय किशोर ने कथित तौर पर शराब पी रखी थी और उसने अपनी कार से मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी।

एक अधिकारी ने बताया था कि मामले में पुलिस ने सरकारी अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय तावड़े और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीहरि हलनोर को खून के नमूने में बदलाव करने और सबूत को नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘हमारा ध्यान दो बातों पर है: किशोर के रक्त नमूने को बदलने के लिए किसके रक्त के नमूने का इस्तेमाल किया गया, उसकी पहचान करना। दूसरा डॉ. तावड़े को कितना वित्तीय लाभ मिला या कितने का वादा किया गया था। यह जानकारी मिली है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हलनोर और तीसरे आरोपी घटकांबले को रक्त के नमूने बदलने के लिए डॉ. तावड़े से कुल तीन लाख रुपये मिले थे।’’

अधिकारी ने बताया कि इस बात की जांच की जानी है कि क्या डॉ. तावड़े ने उन्हें तीन लाख रुपये अपनी जेब से दिए थे या उन्होंने किसी और से पैसे लिए थे।

भाषा धीरज वैभव

वैभव


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