शिकंजे में शातिर सॉल्वर, एक महीने में 6 थंब क्लोन के जरिए दे चुका है परीक्षा, पांच लाख में होती थी डील.. देखिए रिपोर्ट

Reported By: Mahendra Singh Kushwaha, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 13 Mar 2019 02:27 PM, Updated On 13 Mar 2019 02:27 PM

ग्वालियर। थंब इम्प्रेशन क्लोन के जरिए सॉल्वर से परीक्षा पास कराने वाले रैकेट में क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच की टीम ने यूपी के आगरा फतेहाबाद स्थित नंदपुरा निवासी वीपी उर्फ वीरेन्द्र प्रताप सिंह को आगरा बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है।

पढ़ें- बीएलओ के पास गनमैन के साथ आ धमके 6 लोग, निर्वाचन आयोग का सदस्य बता .

वीपी का नाम फिरोजाबाद यूपी से पकड़े गए रैकेट के टेक्निकल एक्सपर्ट राहुल गोयल से मिला था। अभी तक पकड़े गए लोगों में वीपी सबसे शातिर है। पिछले एक महीने में 6 परीक्षार्थियों के थम्ब क्लोन बनाकर परीक्षा दिलाई है। पकड़े गए वीपी को जब क्राइम ब्रांच के दफ्तर लाकर पूछताछ की तो उसने कई नामों के खुलासे किए हैं। ग्वालियर में पकड़े गए एजेंट अमन सिकरवार व गिरोह के लिए सॉल्वर व परीक्षार्थी तलाशने वाले कालीचरण शर्मा से भी उसके गहरे संबंध हैं।

पढ़ें-इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी, अप्रैल से शारजाह के लिए सीधी उड़ान

वीपी ने खुलासा किया कि अमन और कालीचरण उसे परीक्षार्थी तलाश कर देते थे। जिसके बाद एसएससी की परीक्षा पास कराने की डील 5 लाख रुपए में होती थी। 20 हजार रुपए एडवांस में लिया करते थे। इसके बाद थंब इम्प्रेशन बनाया जाता था। सॉल्वर को परीक्षा के बाद तत्काल डील के मुताबिक कभी 5 हजार तो कभी 10 हजार रुपए दिए जाते थे। परीक्षा पास होने के बाद 5 लाख में से एडवांस के रूप में दी गई रकम काटकर शेष का भुगतान दिया जाता था। अब इस मामले में पहले दिन पकड़े गए हरिओम तोमर व अमन सिकरवार से 5 थंब क्लोन व एडमिट कार्ड मिले थे।

पढ़ें-बिजली का खंभा लगाकर लोगों को बिल भेज रहा था विभाग, जेई सस्पेंड, विभागीय जांच के आदेश

जिनमें से दो को क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन तीन की तलाश जारी है। यह तीनों मुरैना के रहने वाले हैं। इनकी तलाश में टीम लगातार दबिश दे रही है, लेकिन यह अपने-अपने घरों से गायब हैं। थंब क्लोन मामले में अभी तक 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। 8 मार्च को बीवीएम कॉलेज से हरिओम तोमर के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने अमन सिंह सिकरवार (एजेंट) को पकड़ा था।

पढ़ें- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति-पत्नी सेवारत जगहों पर करा सकेंगे तबादला...

खुलासा होने के बाद 9 मार्च को मुरार सिंहपुर रोड निवासी कालीचरण व दो परीक्षार्थी कोमल व करीम पकड़े गए थे। इसके बाद 10 मार्च को राहुल गोयल को फिरोजाबाद यूपी से पकड़ा। 11 मार्च की रात को आगरा बस स्टैंड से एक और एजेंट वीपी को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। वीपी खुद स्नातक की पढ़ाई कर रहा है।

Web Title : case of SSC Examination through Thumb Clone in gwalior

जरूर देखिये