भोरमदेव अभ्यारण्य मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों से 6 सप्ताह में मांगा जवाब

 Edited By: Deepak Dilliwar

Published on 12 Mar 2019 11:47 PM, Updated On 12 Mar 2019 11:47 PM

बिलासपुर: हाईकोर्ट ने मंगलवार को भोरमदेव वन्यप्राणी अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व घोषित करने के लिए दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार सहित सभी पक्षकारों को 6 हफ्ते के भीतर जवाब तलब करने का आदेश दिया है। वहीं, कोर्ट ने एनटीसीए को भी 6 सप्ताह के भीतर इस संबंध में जवाब देने को कहा गया है कि खिर भोरमदेव वन्यप्राणी अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व घोषित नहीं करने के पीछे की वजह क्या है? याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायधीश अजय कुमार त्रिाठी और न्यायामुर्ति पी.पी.साहू के बेंच में हुई।

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गौरतलब है कि 28 जुलाई 2014 को एनटीसीए ने भोरमदेव अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व घोषित करने की अनुशंसा की थी। एनटीसीए की अनुशंसा पर राज्य वन्यजीव संरक्षण बोर्ड ने भी सहमति दी थी। बावजूद इसके सरकार ने 2018 में एनटीसीए की अनुशंसा को रद्द कर दिया था। इसके बाद रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने मामले को लेकर हाईकोर्ट याचिका दायर किया था।

Web Title : hearing in high court on Petition of bhoramdeo sanctuary

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