ओलंपिक से ज्यादा की उम्मीद नहीं, धोनी की तरह ‘कूल’ रहने की जरूरत : सेलर सरवनन

ओलंपिक से ज्यादा की उम्मीद नहीं, धोनी की तरह ‘कूल’ रहने की जरूरत : सेलर सरवनन

ओलंपिक से ज्यादा की उम्मीद नहीं, धोनी की तरह ‘कूल’ रहने की जरूरत : सेलर सरवनन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: April 22, 2021 1:42 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुकी सेलर नेत्रा कुमानन और विष्णु सरवनन ने गुरूवार को कहा कि वे बिना किसी उम्मीदों के आगामी तोक्यो खेलों में हिस्सा ले रहे हैं और इसे महज सीखने के अनुभव के तौर पर लेंगे।

ऐतिहासिक रूप से पहली बार चार भारतीय सेलर – सरवनन (लेजर स्टैंडर्ड), नेत्रा (लेजर रेडियल) और विष्णु गणपति और वरूण ठक्कर (49अर स्किफ) – इस महीने के शुरू में ओमान में हुए एशियाई क्वालीफायर से ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने में सफल रहे। यह भी पहली बार होगा कि भारत ओलंपिक में तीन सेलिंग स्पर्धाओं में हिस्सा लेगा।

नेत्रा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा करायी गयी वर्चुअल मीडिया बातचीत में कहा, ‘‘हम बिना ज्यादा उम्मीदों के खेलों में जायेंगे। हम देखेंगे कि विश्व स्तर में हम कहां होते हैं। यह हमारे लिये सीखने की अच्छी प्रक्रिया होगी। ’’

वहीं सरवनन ने कहा कि जब वे आगामी तोक्यो खेलों में हिस्सा लेंगे तो उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह हमेशा ‘कूल’ बने रहना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं शीर्ष 50 प्रतिशत में शामिल रहता हूं तो मुझे खुशी होगी। कोई दबाव नहीं होगा क्योंकि हम जानते हैं कि हम वहां तक नहीं पहुंचे हैं। हम युवा हैं और अभी सीखने की काफी ज्यादा गुंजाइश है। पूरे देश की काफी उम्मीदें हम पर लगी होंगी लेकिन हमें धोनी की तरह ‘कूल’ रहकर अपना काम करना होगा। ’’

भारतीय सेलरों के लिये ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा से पहले ओमान में 15 दिन का ट्रेनिंग शिविर लगाया गया था जिसके लिये खेल मंत्रालय ने 1.29 करोड़ रूपये दिये थे।

यह पूछने पर कि ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के बाद कैसा महसूस हुआ तो नेत्रा ने कहा, ‘‘हम उत्साहित हैं कि आखिरकार ओलंपिक का सपना साकार हो गया। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना बहुत बड़ा कदम है। इसने काफी ध्यान सेलिंग खेल की ओर कर दिया है और मुझे उम्मीद है कि काफी युवा इस खेल में आयेंगे। मैं भी ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली भारत की पहली महिला सेलर बनकर फक्र महसूस कर रही हूं। ’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर


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