जान पर भारी नसबंदी का टारगेट, एक दिन में 70 महिलाओं का ऑपरेशन

जान पर भारी नसबंदी का टारगेट, एक दिन में 70 महिलाओं का ऑपरेशन

जान पर भारी नसबंदी का टारगेट, एक दिन में 70 महिलाओं का ऑपरेशन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: December 8, 2018 5:44 am IST

भोपाल। मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं मानो वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। जिसकी बानगी एक बार फिर गाडरवारा के शासकीय अस्पताल में देखने को मिली। जहां एक ही डॉक्टर ने अव्यवस्थाओ के बीच करीब 70 महिलाओं की नसबंदी कर दी। पीड़ित महिलाओं को ना तो 108 एंबुलेंस नसीब हुआ ना ही अस्पताल के अंदर लाने के लिए स्टाफ नर्स या वार्डबॉय की व्यवस्था की गई।

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मजबूरन परिजन को ही मरीजों को स्ट्रेचर पर ऑपरेशन थियेटर तक लाना पड़ा और तो और ऑपरेशन के बाद अचेत महिलाओं को पलंग और बिस्तर तक नसीब नहीं हुए। मरीज के परिजन भी इसे लेकर बेहद आक्रोशित नजर आए। हालांकि नसबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार एक दिन में एक मेडिकल ऑफिसर अधिकतम 35 महिलाओं के ऑपरेशन ही कर सकता है। लेकिन गाडरवारा अस्पताल में सिविल सर्जन प्रदीप धाकड़ ने एक दिन में 70 ऑपरेशन को अंजाम दिया और पूछे जाने पर उन्हे इसमें कोई परेशानी नहीं दिखाई दी।

 

 


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