'एक अरब' असत्य के बावजूद नहीं नहीं बन पायी एक हजार अरब डॉलर की प्रदेश की अर्थव्यवस्था : अखिलेश |

‘एक अरब’ असत्य के बावजूद नहीं नहीं बन पायी एक हजार अरब डॉलर की प्रदेश की अर्थव्यवस्था : अखिलेश

'एक अरब' असत्य के बावजूद नहीं नहीं बन पायी एक हजार अरब डॉलर की प्रदेश की अर्थव्यवस्था : अखिलेश

:   Modified Date:  February 7, 2024 / 03:41 PM IST, Published Date : February 7, 2024/3:41 pm IST

लखनऊ, सात फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लगातार एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात कर रही प्रदेश सरकार ‘एक अरब’ असत्य बात कहने के बावजूद उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को उस आंकड़े तक नहीं पहुंचा पायी है।

विधानसभा में सपा और विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, ”इस अभिभाषण में बहुत सी बातें आई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी बहुत सी बातें इसमें रखवाई है जो सच्चाई से दूर है और इसे जितना सच होना चाहिए था, उतना नहीं दिखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘(उप्र) सरकार लगातार एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात कर रही है, और अब तक एक अरब असत्य बातें कहने के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था एक हजार अरब डॉलर तक नहीं पहुंच पायी है।”

उन्होंने कहा, ”इस अभिभाषण के आखिर में जिन बातों को कहा गया है कि उत्तर प्रदेश किस-किस चीज में नंबर एक है, वह सरकारी आंकड़े हैं।”

यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा, ”सबसे अधिक संख्या में कार्यवाहक डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) बनाने में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। छुट्टा पशुओं की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। झूठे प्रचार पर खर्च करने में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। अपने लोगों के मुकदमे हटाने में नंबर वन है। रोजगार मांगने वालों पर लाठी चलवाने में नंबर वन है।’’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘महिलाओं के खिलाफ अपराधियों को बचाने में नंबर वन है। खड़ी फसल की अन्ना पशुओं द्वारा बर्बादी में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। दलित पिछड़ों के उत्पीड़न में और गरीबों का हक करने में नंबर वन है।’’

अखिलेश ने कहा, ‘‘इतना ही नहीं, लगी लगायी नौकरी छीनने में भी यह सरकार नंबर वन है। भूमाफिया को सत्ता का संरक्षण देने में नंबर वन है। केंद्र और राज्य के टकराव में नंबर वन है। जनता को गुमराह करने में नंबर वन और पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों) को प्रताड़ित करने में भी यह सरकार नंबर वन है।”

उन्होंने कहा कि अभिभाषण को पढ़कर लगता है कि सरकार तो इतनी रफ्तार से विकास कर रही है लेकिन आखिर यह दिखाई क्यों नहीं पड़ रहा है?

किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते हुए यादव ने कहा, ”जितने भी हमारे पुराने नेता रहे हैं उन्होंने समय-समय पर यही कहा कि अगर अर्थव्यवस्था को आगे ले जाना है तो हमारे किसानों की अर्थव्यवस्था को भी आगे ले जाना पड़ेगा लेकिन अगर आज हम जब पीछे मुड़कर देते हैं तो डबल इंजन की सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। उसने खेती किसानी की लागत बढ़ा दी है।”

उन्होंने कहा, ”मुझे याद है कि कोविड महामारी के समय यह बात रखी गई थी की बहुत बड़े पैमाने पर कृषि ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रूपया मिलने जा रहा है। अगर इसके लिए आपको पैसा मिला है तो वह कहां चला गया। अगर वह पैसा मिला था और खर्च हुआ तो हमारे किसानों की आय दोगुनी क्यों नहीं हुई।”

यादव ने कहा, ‘‘सरकार बताए कि उसका फार्मूला क्या है जिसकी वजह से और इसके लागू हो जाने से किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। उसके बच्चों की सेना में भर्ती रोक दी गई है। सेना की पक्की पेंशन वाली नौकरी खत्म कर दी गई।’’

उन्होंने भाजपा सरकार की अग्निवीर योजना पर भी तंज करते हुए कहा कि पहले सेना में उत्तर प्रदेश के 70 हजार सैनिकों की स्थाई भर्ती होती थी जिसमें 80% लोग किसान, गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग होते थे। उससे गरीबों के जीवन में खुशहाली रहा करती थी। सरकार ने अग्निवीर योजना इसलिए शुरू की है ताकि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक लोगों के यहां खुशहाली ना आने पाये।

यादव ने अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए जवानों के शहीद होने पर उन्हें समुचित सम्मान नहीं दिये जाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ”अभिभाषण में ईज ऑफ लिविंग की बात की गई है। मैं इसे कैसे समझूं कि छह करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ गए हैं। सरकार बताए कि किस-किस वर्ष में बहुआयामी गरीबी उन्मूलन की दिशा में काम हुआ है।”

यादव ने कहा कि बिना सबको साथ लिये सबका विकास संभव नहीं है। बिना जातिगत जनगणना के सामाजिक न्याय संभव नहीं है। भाषा सलीम रंजन

रंजन

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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