समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता भारतीय समुदाय की शक्ति : डेनमार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |

समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता भारतीय समुदाय की शक्ति : डेनमार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता भारतीय समुदाय की शक्ति : डेनमार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 08:22 PM IST, Published Date : May 3, 2022/9:38 pm IST

कोपनहेगन, तीन मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि यह ‘समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता’ है जो भारतीय समुदाय को हर पल जीवंत महसूस करने की शक्ति देती है तथा ये मूल्य हजारों वर्षों से भारतीयों के भीतर विकसित हुए हैं।

नॉर्डिक राष्ट्र की अपनी यात्रा के दौरान डेनमार्क में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि सभी भारतीय लोग राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ खड़े होते हैं और राष्ट्र निर्माण में हाथ मिलाते हैं।

मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता भारतीय समुदाय की शक्ति है, जो हम सभी को हर पल जीवंत महसूस कराती है। हजारों वर्षों के समय ने हमारे भीतर इन मूल्यों को विकसित किया है।’

आगे की पंक्ति में बैठीं डेनमार्क की अपनी समकक्ष मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ सभागार में ‘मोदी, मोदी’ और ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारों के बीच, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोई भारतीय व्यक्ति दुनिया में जहां भी जाता है, ईमानदारी से अपनी कर्मभूमि, उस देश के लिए के लिए योगदान देता है।

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन का आज यहां होना भारतीयों के प्रति उनके प्रेम और सम्मान का प्रमाण है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कई बार जब मैं विश्व के नेताओं से मिलता हूं, तो वे गर्व से मुझे अपने देशों में बसे भारतीय समुदाय की उपलब्धियों के बारे में बताते हैं।’

उन्होंने उल्लेख किया कि विदेशों में बसे भारतीयों की संख्या कुछ देशों की पूरी आबादी से अधिक है।

मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच हरित रणनीतिक साझेदारी डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन की व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और मूल्यों द्वारा निर्देशित है।

उन्होंने कहा, ‘आज मैंने उनके साथ जो चर्चा की, वह दोनों देशों के संबंधों को नयी ताकत, नयी ऊर्जा देगी।’ मोदी ने उल्लेख किया कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लंबे समय से सभी की जिंदगी वर्चुअल मोड में चल रही थी और ‘जैसे ही पिछले साल आवागमन संभव हुआ, प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन पहली सरकार प्रमुख थीं जिनका हमें भारत में स्वागत करने का अवसर मिला।’

उन्होंने कहा, ‘यह भारत और डेनमार्क के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है।’

मोदी ने कहा, ‘भाषा चाहे कुछ भी हो, लेकिन हम सभी की भारतीय संस्कृति है। हमारी खाने की थाली बदलती है, हमारा स्वाद बदलता है। लेकिन बार-बार प्यार से गुहार लगाने का भारतीय तरीका नहीं बदलता।’

उन्होंने कहा, ‘हम राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ खड़े होते हैं और राष्ट्र निर्माण में हाथ मिलाते हैं।’

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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