‘यूएन एसडीजी एक्शन अवार्ड्स’ में भारत की महिला अधिकार कार्यकर्ता को ‘चेंजमेकर’ पुरस्कार के लिए चुना गया |

‘यूएन एसडीजी एक्शन अवार्ड्स’ में भारत की महिला अधिकार कार्यकर्ता को ‘चेंजमेकर’ पुरस्कार के लिए चुना गया

‘यूएन एसडीजी एक्शन अवार्ड्स’ में भारत की महिला अधिकार कार्यकर्ता को ‘चेंजमेकर’ पुरस्कार के लिए चुना गया

: , November 29, 2022 / 08:33 PM IST

(तस्वीर सहित)

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 28 सितंबर (भाषा) भारत की एक महिला अधिकार कार्यकर्ता सृष्टि बख्शी को ‘यूएन (संयुक्त राष्ट्र) एसडीजी एक्शन अवार्ड्स’ में एक प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। इस महिला ने लैंगिक हिंसा और असमानता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक साल से भी कम समय में भारत में 3,800 किलोमीटर की यात्रा की।

विपणनकर्ता से महिला अधिकार कार्यकर्ता बनी सृष्टि बख्शी को ‘‘लैंगिक हिंसा का मुकाबला करने और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित पहुंच की वकालत करने’’ के लिए ‘यूएन एसडीजी एक्शन अवार्ड्स’ में ‘चेंजमेकर’ पुरस्कार के लिए चुना गया है।

‘एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) एक्शन कैंपेन’ ने एक बयान में कहा, ‘‘यह पुरस्कार ‘यूएन एसडीजी एक्शन कैंपेन’ की प्रमुख पहलों में से एक है जिसका उद्देश्य दुनिया में अधिक टिकाऊ भविष्य की दिशा में कार्रवाई के लिए लोगों को ‘एकजुट और प्रेरित करना’ है।’’

इस पुरस्कार के लिए लोगों का चयन 150 देशों के 3,000 से अधिक आवेदनों में से किया गया।

‘एसडीजी एक्शन अवार्ड्स’ की वेबसाइट के अनुसार बख्शी ने भारत के ‘‘कन्याकुमारी से कश्मीर तक 12 राज्यों से होते हुए 3,800 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। उन्होंने इसके जरिये न केवल महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कारणों पर प्रकाश डाला, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चीजों को रेखांकित करने के लिए 100 से अधिक कार्यशालाओं का आयोजन भी किया।

इसके अनुसार बख्शी की पदयात्रा को ‘वोम्ब: वूमेन ऑफ माई बिलियन’ नामक वृत्तचित्र में दिखाया गया। इस पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा हाल ही में बॉन, जर्मनी में ‘ग्लोबल वीक टू एक्ट4एसडीजी’ के समापन पर आयोजित एक समारोह में की गई।

भाषा अमित नरेश

नरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)