सदन में अधूरे जवाब ना दे: विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्रियों से कहा

सदन में अधूरे जवाब ना दे: विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्रियों से कहा

Edited By: , September 15, 2021 / 06:00 PM IST

जयपुर, 15 सितंबर (भाषा) राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने बुधवार को परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास द्वारा दिये गये जवाब में कमियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मंत्रियों को ‘‘अधूरे’’ जवाब नहीं देने चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष ने यह निर्देश तब दिया जब परिहन मंत्री ने कांग्रेस विधायक बृजेन्द्र सिंह ओला के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए वाहनों के पंजीकरण के दौरान एकत्र किए गए हरित कर के बारे में शीर्ष वार विवरण का उल्लेख नहीं किया।

विधायक के बाद जोशी ने भी इस ओर इशारा किया और ‘‘अधूरे’’ जवाब पर अप्रसन्न्ता जतायी।

जोशी ने कहा कि सभी मंत्रियों को अपने अपने विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देना चाहिए कि सदन में पूछे गये प्रत्येक प्रश्न का उत्तर उचित रूप में दिया जाये।

इससे पहले सवाल का जवाब देते हुए खाचरियावास ने सदन को बताया कि राज्य सरकार को हरित कर के रूप में 197.17 करोड़ रुपये (2017-18), 173.15 करोड़ रुपये (2018-19) और 218.47 करोड़ रुपये (2019-20) प्राप्त हुए।

उन्होंने कहा कि हरित कर से एकत्रित राशि का उपयोग करने के लिए स्थानीय स्वायत्त शासन विभाग द्वारा फरवरी 2012 में एक अलग राजस्थान परिवहन अवसंरचना विकास कोष का गठन किया गया था।

मंत्री ने कहा कि हरित कर का उपयोग स्वीकृत कार्यों के लिए किया गया है और प्रत्येक मद पर खर्च की गई राशि का विवरण विधायक को लिखित रूप से उपलब्ध करवा दिया गया है। इसका ही विधायक ने खंडन किया और विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब में कमियों की ओर इंगित करते हुए ‘‘अधूरे’’ जवाब नहीं देने के लिए निर्देशित किया।

इससे पहले कांग्रेस विधायक मंजू देवी द्वारा पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि राज्य में स्थानीय युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार देने के लिये कोई बाध्यकारी प्रावधान नहीं है।

उन्होंने कहा कि रोजगार आवश्यक कौशल और आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।

हालांकि मीणा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उद्यमियों को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार को बढावा देना है और इस उद्देश्य के लिये विभिन्न प्रावधान राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना में किये गये है जो मार्च 2026 तक प्रभावी है।

भाषा कुंज पृथ्वी कुंज अमित

अमित