ग्वालियर में बाढ़ के पानी से घिरे कई गांव, Rescue में लगी NDRF Team, ग्रामीणों ने जवानों को कराया भोजन

ग्वालियर में बाढ़ के पानी से घिरे कई गांव! After Heavy Rain Many Villages Become a Island of Gwalior

Edited By: , August 4, 2021 / 12:53 PM IST

Gwalior flood news Hindi

ग्वालियर : मध्यप्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश से नदी नालों में उफान की स्थिति है। खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पिछले 2 दिनों से हो रही लगातार बारिश से हालात बिगड़े नजर आ रहे है। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे है। कई गांवों से संपर्क कट गया है, हालात को देखते हुए प्रशासन, NDRF और SDRF के साथ ही सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन का मोर्चा संभाल लिया है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

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Gwalior flood news Hindi : ग्वालियर जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद पार्वती समेत तमाम नदी नाले उफान पर है। आलम ये है कि आगरा-मुंबई हाइवे पर बने पुल पर भी पानी आ गया है, जिसके बाद हाइवे बंद कर दिया गया। यहां नदी में फंसी एक बस का रेस्क्यू किया गया। वहीं नदी किनारों के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

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ग्वालियर के ही हरसी और ककैटो बांध लबालब भर गया है। एहतियातन प्रशासन ने 40 गांवों में अलर्ट जारी करते हुए ककैटो क्षेत्र के कई गांवों को खाली करा लिया है। ग्वालियर के ही मोहना में कई गांव बारिश और बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। शिवपुरी जिले में बाढ़ ग्रस्त इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जिले के प्रभारी मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। बात दें कि नदी नाले उफान पर होने से जिले के कई गांव टापू बन गए है। शिवपुरी जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पढ़ारखेड़ा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर झरने की तरह पानी आ रहा है। पूरा रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया है, जिसके चलते कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। तो कुछ के रूट बदल दिए गए है।

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दतिया में सिंध नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। शिवपुरी के अटल सागर मणिखेड़ा डैम के 8 गेट खोलने के कारण ये स्थिति बनी है। सिंध के साथ ही महुअर और पहूज नदी भी उफान पर है, जिसके चलते कई गांव बाढ़ के पानी में घिर गए है। रतनगढ़ माता को जाने वाले पुल पर आवागमन रोक दिया है। झांसी ग्वालियर हाईवे पर पुल पर दरार आ गई है, जिससे ग्वालियर-दतिया का संपर्क कट गया है। मुरैना में चंबल अंचल में कुंवारी नदी उफान पर है, जिसके चलते आसपास के सैंकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए है। ग्रामीण अपने स्तर पर फंसे लोगों को बचाने में जुटे हैं। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी अधिकारी प्रभावित इलाकों में नहीं पहुंचे है।

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भिंड में चंबल और सिंध नदी उफान पर है। ये नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। भिंड के अटेर में देवालय और खेराट का रास्ता बंद हो गया है, जिससे कई गांवों में लोग फंस गए है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। निवाड़ी जिले में बीते 24 घंटे में हुई बारिश और माता टीला बांध से पानी छोड़ने के बाद बेतवा और जामनी नदी उफान पर आ गई है। ओरछा के पास बेतवा और जामनी नदी के बीच टापू पर बने सिंहपुरा गांव में गंभीर रूप से बीमार एक बच्चे को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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श्योपुर जिले में भी हालात बिगड़ गए हैं, यहां कुंवारी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विजयपुर में निचले इलाकों में पानी भर गया है। विदिशा जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही है बारिश के चलते संजय सागर डैम के दो गेट खोल दिए गए हैं। वहीं, निचली बस्तियों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। ओरछा में बेतवा उफान पर है, जिससे सिंहपुरा गांव टापू बन गया है जहां 11 महीने की एक बच्ची नदी में फंस गई। जिसे SDRF की टीम ने सुरक्षित निकाला।

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