जाति न पूछो वोटर की! सत्ता संधान के लिए समाज को साधना जरूरी.. राजनीतिक दलों की ये कैसी मजबूरी? |

जाति न पूछो वोटर की! सत्ता संधान के लिए समाज को साधना जरूरी.. राजनीतिक दलों की ये कैसी मजबूरी?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तमाम जातियों और समाजों के सम्मेलन कर रहे हैं और मंच से बोर्ड बनाने की घोषणा भी कर रहे हैं, बीते 5 महीने में शिवराज सिंह चौहान अब तक अलग-अलग कई समाजों के बोर्ड की घोषणा कर चुके हैं।

Edited By :   Modified Date:  July 29, 2023 / 11:44 PM IST, Published Date : July 29, 2023/11:43 pm IST

भोपाल। एमपी में चुनाव पास में है तो सत्ता तक पहुंचने के लिए समाजों को साधने की कवायद जोरों से जारी है …. बीते महीनों में कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हो या ग्वालियर चम्बल में ज्योतिरादित्य सिंधिया हो या फिर एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान कई जातियों के सामाजिक सम्मेलनों में जा चुके हैं सीएम शिवराज तो आधा दर्जन से ज्यादा समाजों के बोर्ड के गठन का एलान तक कर चुके हैं।

सूबे की सियासत के यह तीन दिग्गज नेता और उनकी यह तस्वीरें बता रही हैं कि मध्यप्रदेश में चुनावों के पहले राजनीतिक दलों का क्या एजेंडा है…बीजेपी हो या फिर कांग्रेस हर दल बड़ी जातियों के वोट पर फोकस कर रहा है…अलग अलग समाज के कार्यक्रमों में बीजेपी हो या कांग्रेस सभी के दिग्गज दिखाई दे रहे है इनकी तस्वीरें जरूर अलग-अलग है पर मकसद एक है 3 महीने बाद होने वाले चुनाव में जातियों के जरिए सत्ता के सिंहासन तक पहुंचना, इसी के चलते समाज के कार्यक्रमों में ऐसी घोषणा की जाती है जो प्रदेश भर में समाज के लोगों तक पहुंचे और उनकी सोच को वोटों में तब्दील करें..चुनावी बयार जिस तेजी से बह रही है इसलिए आज जहां कमलनाथ भोपाल में सिंधी समाज के सम्मेलन में थे तो ग्वालियर चम्बल को साधने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया आज ग्वालियर में खटीक समाज के सम्मेलन में शामिल हुए उसी तेजी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तमाम जातियों और समाजों के सम्मेलन कर रहे हैं और मंच से बोर्ड बनाने की घोषणा भी कर रहे हैं, बीते 5 महीने में शिवराज सिंह चौहान अब तक अलग-अलग कई समाजों के बोर्ड की घोषणा कर चुके हैं।

आइये अब आपको बताते हैं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किस जाति ,समाज के मंच पर पहुंचे हैं..

—24 मार्च को सोनी महापंचायत में स्वर्ण कला बोर्ड गठन करने की घोषणा की…
-14 मार्च को विश्वकर्मा महापंचायत ने विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड गठित किए जाने की घोषणा की….
-15 मई को सागर में कुशवाहा समाज के सम्मेलन में कुशवाहा समाज कल्याण बोर्ड गठन की जाने की घोषणा की…
-23 अप्रैल को भोपाल में परशुराम जयंती के अवसर पर ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की स्थापना किए जाने की घोषणा की…
-ग्वालियर में अंबेडकर महाकुंभ के दौरा कोरी कल्याण बोर्ड जाटव कल्याण बोर्ड का गठन किए जाने की घोषणा की…

आइये अब आपको बताते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया कब कहा जाति समाजों के कार्यक्रमों में शामिल हुए ….

– 21 मई को ग्वालियर में वैश्य समाज के सम्मेलन में हिस्सा लिया…
– 22 मई को शिवपुरी में तेली, राठौर, साहू, बाथम, मांझी, ढीमर, केवट, कश्यप, निषाद, वैश्य और जैन समाज की सभा में शामिल हुए…
– 22 मई को कोलारस में पडोरा व खातोरा में रावत, मीणा, देशवाली और यादव समाज के लोगों से मिले…
– 23 मई को गुना में ब्राह्मण और वाल्मीकि समाज की सभा के बाद अशोकनगर में कोरी और जैन समाज की सभा में शामिल हुए…
– 30 मई को ग्वालियर में जाट, साहू समाज, कलचुरी समाज के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया….
– 3 जून को मुंगावली में बंजारा समाज, अशोकनगर में कुशवाह, शाक्य और मार्य समाज, ईसागढ़ में सिक्ख व पंजाबी समाज, नईसराय में रघुवंशी समाज से मिले…
– 4 जून को कोलारस में आदिवासी, बदरवास में धाकड़, किरार, किराड समाज के साथ गुना जिले में मुस्लिम व खटीक समाज के प्रतिनिधियों के कार्यक्रम है…
– 6 जुलाई ग्वालियर में वाल्मिकी सामाजिक सम्मेलन ओर सिख समाज के लोगों के सम्मेलन में पहुंचे….
– 28 जुलाई ग्वालियर जैन, सिंधी ओर आदिवासी….
– 29 जुलाई ग्वालियर में पंजाबी, गुर्जर, खाटिक समाज कार्यक्रम में….
-ज्योतिरादित्य सिंधिया को 34 जातियों के कार्यक्रम में पहुचना है। अब तक आधे से ज्यादा जातियों की सम्मेलन में पहुंच चुके है…

आइये अब आपको बताते है पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ किस जाति ,समाज के मंच पर पहुंचे है..

-15 अप्रैल को मानस भवन में यादव समाज के सम्मेलन पहुंचे थे कमलनाथ…

-5 मई को रविंद्र भवन में कुर्मी समाज के सम्मेलन में शामिल हुए कमलनाथ…

-14 मई को भेल दशहरा मैदान में जाट समाज के सम्मेलन में शामिल हुए कमलनाथ…

-7 जुलाई को पंजाबी समाज के सम्मेलन में शामिल हुए…

-22 जुलाई को स्वर्णकार समाज का सम्मेलन मानस भवन में किया गया है….

-23 जुलाई को पिछड़ा वर्ग समाज का सम्मेलन रविंद्र भवन में किया गया है….

-26 जुलाई को मीणा समाज संगठन का सम्मेलन रविंद्र भवन में किया गया है….

-28 जुलाई को चौरसिया तंबोली समाज का सम्मेलन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में किया गया है…

-29 जुलाई को सिंधी समाज का तीन दिवसीय सम्मेलन सनसिटी गार्डन में आयोजित किया गया है…

-6 अगस्त को बसोड़ समाज का सम्मेलन हिंदी भवन में आयोजित किया गया है…

दरअसल, चुनावी साल में बीजेपी,कांग्रेस हर वर्ग हर जाति को साधने की कोशिश कर रही है…इसके पहले बीजेपी और कांग्रेस दलितों,ब्राह्मणों,अन्य पिछड़ा वर्ग और आदिवासियों के लिए बड़े बड़े कार्यक्रम कर रही है…कांग्रेस ने तो जातियों के मुताबिक संगठन में प्रकोष्ठ भी बना दिये हैं…ताकि छोटी छोटी जातियों के वोटरों को पार्टी के साथ जोड़ा जा सके…दोनों ही दल चुनावी साल में ये वादे भी कर रहे हैं कि हर जाति को सत्ता में भागीदारी मिलेगी…न सिर्फ भागीदारी बल्कि उनके सामाजिक विकास भी मुकम्मल होगा…लेकिन बीजेपी कांग्रेस के बीच अब जातियां सिर्फ सियासत का केंद्र रह गईं है….मध्यप्रदेश में जातिगत समीकरण ओबीसी 50% फीसदी से अधिक, SC- 15.6 फीसदी से अधिक, ST- 21.1 फीसदी से अधिक सामान्य -14 फीसदी से अधिक ।

मध्यप्रदेश के सत्ता के सिंहासन तक पहुंचने के लिए बीजेपी और कांग्रेस पूरा जोर लगा रही है…भले बड़ा वोट बैंक वाली जातियों के सामने हाथ ही क्यों न फैलाना पड़े…दावे और वादे भी दम से हो रहे हैं…अब देखना दिलचस्प होगा कि ये जातियां किस राजनीतिक दल के माथे पर चंदन का तिलक करती हैं..

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