मंत्री सुखदेव पांसे ने 'राइट टू वॉटर' को ऐतहासिक बताया, इधर बीजेपी ने कहा- जुमला है

 Edited By: Vivek Mishra

Published on 25 Jun 2019 12:48 PM, Updated On 25 Jun 2019 12:48 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर हुई कार्यशाला को पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे ने भोपाल में 'राइट टू वॉटर' कार्यशाला को ऐतहासिक बताया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जो पानी के अधिकार की शुरूआत करने जा रहा है।

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प्रदेश में पानी का अधिकार कानून बनाने के लिये कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और कानून विशेषज्ञों के सुझावों पर मंथन के बाद इसमें जनता की भागीदारी सुनिश्चित कर कानून का रूप दिया जा सकेगा। वहीं इस कार्यशाला को बीजेपी ने जुमला बताया है।

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दरअसल बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश में पानी नहीं है, हाहाकार मचा है और सरकार 'राइट टू वॉटर' की बात कर रही है। बता दे कि सोमवार को 'राइट टू वॉटर' को लेकर राजधानी भोपाल में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे ने की। इस वर्कशॉप में देशभर के चुने हुए पर्यावरणविद आएं, और वो अपने विचारों को रखा।

Web Title : Minister Sukhdev Pansay described the 'Right to Water' historic, here the BJP said, 'Jumla hai

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