भुवनेश्वर, 11 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में प्रशासन को अधिक नागरिक-केंद्रित और दक्ष बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नयी दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए माझी ने कहा कि ‘अमा साथी’ जैसे प्लेटफॉर्म नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में सक्षम बना रहे हैं।
माझी ने कहा, ‘‘हम डेटा-आधारित निर्णय लेने और बेहतर नतीजे पाने के लिए शिकायत निवारण, सेवा वितरण, खेती, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आपदा प्रबंधन में एआई के इस्तेमाल पर भी विचार कर रहे हैं। साथ ही, हम निजता, सुरक्षा और जवाबदेही के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ एआई के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।’’
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के राष्ट्रीय एआई मिशन के अनुरूप, ओडिशा हर बच्चे के लिए विशेष रूप से तैयार की गई शिक्षा प्रदान करने, उनके विकास के हर पड़ाव पर नजर रखने और हर बच्चे की व्यक्तिगत रूप से देखभाल करने के लिए एआई का उपयोग करेगा।
उन्होंने रेखांकित किया कि रोजगार बाजार के बदलते स्वरूप को पहचानते हुए, युवाओं को उभरते व्यवसायों और उद्योग की मांग के लिए तैयार करने के वास्ते ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत 13 सरकारी आईटीआई में एआई प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘डबल-इंजन सरकार के तहत, ओडिशा ने मजबूत विकास दर हासिल की है। 2025-26 में, राज्य ने 7.9 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर दर्ज की, साथ ही राजकोषीय घाटे और कर्ज के स्तर को तय सीमा के भीतर बनाए रखा। नीति आयोग के राजकोषीय स्थिति सूचकांक 2026 में ओडिशा को पहला स्थान मिला है।’’
भाषा सुभाष माधव
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