इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत को बड़ी सफलता, कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक, पाकिस्तान के आरोपों को किया खारिज

 Edited By: Rupesh Sahu

Published on 17 Jul 2019 07:37 PM, Updated On 17 Jul 2019 07:37 PM

नई दिल्ली । पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने भारत के पक्ष में फैसला दिया है। कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई है और पाकिस्तान को वियना कन्वेंशन के उल्लंघन का दोषी माना है। कुलभूषण जाधव मामले में आईसीजे ने 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला दिया है। आईसीजे ने अपने फैसले में भारत को कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने को कहा है। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान के द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों को सही नहीं माना है।

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आईसीजे का कहना है कि कुलभूषण जाधव की सजा पर पुनर्विचार के लिए उसकी फांसी पर रोक जारी रहेगी। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव को भारतीय नागरिक माना है। कोर्ट ने कहा कि कई मौकों पर पाकिस्तान की तरफ से जाधव को भारतीय नागरिक कहकर संबोधित किया गया। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक बरकरार रखते हुए पाकिस्तान से इस पर पुनर्विचार करने को कहा है। इसके साथ ही, आईसीजे ने पाकिस्तान से जाधव को कान्सुलर एक्सेस देने के लिए कहा है।


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भारत ने पाकिस्तान को कानून अपने हाथ में लेने से रोकने में सफलता पाई और मामले को इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में ले गया। इस वजह से पाकिस्तान अब तक जाधव को फांसी नहीं दे सका है। पाकिस्तान ने जाधव मामले में वियना संधि का उल्लंघन करते हुए उन्हें न सिर्फ कानूनी मदद से दूर रखा, बल्कि मां और पत्नी तक से सीधे मिलने नहीं दिया। दो साल और दो महीने तक आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ में इस मामले की सुनवाई चली है। पाक की सैन्य अदालत ने जाधव को जबरन अपराध कबूल करवाकर मौत की सजा सुनाई थी, जिसे भारत ने आईसीजे में चुनौती दी है। पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है। आईसीजे में कुलभूषण जाधव मामले में फैसला आने के बाद भारत में जश्न मनाया गया, भारत के पक्ष में फैसला आने पर जाधव के दोस्तों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।


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बता दें कि जाधव को पाकिस्तान अथॉरिटीज की तरफ से विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्तता और जासूसी करने के आरोप में 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। भारत को इस गिरफ्तारी के बारे में 25 मार्च 2016 को सूचना दी गई थी। जाधव को सैन्य अदालत ने सीक्रेट ट्रायल के के बाद साल 2017 के अप्रैल में फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन, साल 2017 के मई में भारत की तरफ से याचिका दायर करने के बाद नीदरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय हेग कोर्ट ने पाकिस्तान को यह आदेश दिया था कि जब तक अदालत की अंतिम फैसला नहीं आ जाता तब तक वे यह सुनिश्चित करें कि जाधव को फांस न दी जाए।



Web Title : International Court of Justice verdict: A continued stay of execution constitutes

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