मप्र सरकार ने दायर की कैविएट, ट्रांसफर से नाराज अधिकारी कर सकते हैं हाईकोर्ट का रुख

 Edited By: Rupesh Sahu

Published on 12 Feb 2019 09:45 AM, Updated On 12 Feb 2019 09:45 AM

भोपाल: मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने कई आईएसएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इन तबादलों से कई अधिकारी और कर्मचारी खुश हुए तो कई नाराज भी हैं, ऐसे में नाराज अधिकारियों कर्मचारी अदालत भी जा सकते हैं, लिहाजा सरकार ने पहले ही हाई कोर्ट में कैविएट दायर की है।

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जबलपुर हाईकोर्ट समेत इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ में भी कैविएट लगाई गई हैं। तबादला आदेश से प्रभावित राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के अदालत से स्थगन लाकर उन्हें अमल होने से रोकने के प्रयासों को नाकाम करने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है। गृह विभाग ने शनिवार को 185 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उप अधीक्षकों के तबादला आदेश जारी किए थे। इनमें से कई अधिकारियों को मैदानी पदस्थापना से हटाया गया तो कुछ की पदस्थापना मैदानी रखी गई, लेकिन दूसरे जिलों में भेज दिया है।अब कैविएट दायर करने के बाद हाई कोर्ट किसी भी तबादले के खिलाफ लगी याचिका के पहले सरकार का पक्ष जरूर सुनेगी।

Web Title : The Cavity filed by Madhya Pradesh Government, Transferred officers can approach High Court

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