हिमाचल मत्स्य विभाग ने केंद्रीय मीठाजल जलकृषि अनुसंधान के साथ समझौता किया

हिमाचल मत्स्य विभाग ने केंद्रीय मीठाजल जलकृषि अनुसंधान के साथ समझौता किया

हिमाचल मत्स्य विभाग ने केंद्रीय मीठाजल जलकृषि अनुसंधान के साथ समझौता किया
Modified Date: June 7, 2024 / 10:10 pm IST
Published Date: June 7, 2024 10:10 pm IST

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), सात जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग ने शुक्रवार को केंद्रीय मीठाजल जलकृषि अनुसंधान, भुवनेश्वर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इसके तहत राज्य के किसानों को मछली आहार तकनीक और जयंती रोहू तथा उन्नत कतला प्रजाति के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

एमओयू के तहत, सीफोम ब्रूड मछली आहार तकनीक, जयंती रोहू और मछली की उन्नत कतला प्रजाति के बीज केंद्रीय मीठाजल जलकृषि अनुसंधान द्वारा हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।

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मत्स्य विशेषज्ञों ने कहा कि अमूर कार्प, जयंती रोहू और उन्नत कतला प्रजातियों जैसी उन्नत मछली किस्मों की वृद्धि दर पारंपरिक प्रजातियों की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत अधिक है और इन प्रजातियों का पालन करके अधिक आय हासिल की जा सकती है।

मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने कहा कि विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन का लाभ निकट भविष्य में दिखाई देगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में निश्चित रूप से सुधार होगा।

भाषा राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


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