जयपुर, 11 जून (भाषा) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यहां मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में उन्नत क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम संचार प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि ये प्रयोगशालाएं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इलेक्ट्रॉनिक्स और आईसीटी अकादमिक परियोजना के तहत स्थापित की जाएंगी।
संस्थान में विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि वर्तमान तकनीकी क्रांति कृत्रिम मेधा (एआई) से संचालित हो रही है, जबकि अगली बड़ी तकनीकी लहर क्वांटम प्रौद्योगिकी के नेतृत्व में आएगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत होने वाला कार्य देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला क्वांटम संचार और क्वांटम वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) के क्षेत्र में भी अनुसंधान करेगी, जिसका राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से विशेष महत्व है।
उन्होंने एमएनआईटी से आह्वान किया कि वह पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐसे सुरक्षित कूटलेखन तंत्र विकसित करने से जुड़ा है, जो भविष्य के शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटरों की गणनात्मक क्षमता के बावजूद सुरक्षित बने रहें।
वैष्णव ने कहा कि उद्योग जगत का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में 10 लाख से अधिक सेमीकंडक्टर डिजाइन पेशेवरों की मांग उत्पन्न होगी, जिसे भारत आसानी से पूरा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि एनवीडिया, क्वालकॉम, आर्म और एएमडी जैसी कंपनियां पहले से ही भारत में दो और तीन नैनोमीटर की उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स का डिजाइन तैयार कर रही हैं।
वैष्णव ने कहा कि यह उपलब्धि देश में उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी कार्यबल की उपलब्धता के कारण संभव हो रही है।
मंत्री ने एमएनआईटी में एक अत्याधुनिक एआई प्रयोगशाला स्थापित करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इस प्रयोगशाला में अनुसंधान और नवाचार के लिए उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना तथा आधुनिक उपकरणों सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बाद में वैष्णव ने राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर और विधायक गोपाल शर्मा की मौजूदगी में एमएनआईटी जयपुर में ‘मेकर्स लैब’ का उद्घाटन किया।
भाषा पृथ्वी खारी
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