saurabh bharadwaj/ image source: saurabh bharadwaj x handle
Saurabh Bhardwaj Reply to Raghav Chaddha: नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा की राजनीतिक पहचान और निजी जीवन की उपलब्धियां भी पार्टी की देन हैं। भारद्वाज ने कहा, “आपकी शादी भी इसलिए हो पाई क्योंकि आप इस पार्टी के जरिए राज्यसभा के सदस्य बने। अगर आप राज्यसभा में नहीं होते तो कोई आपको पूछता भी नहीं।” उन्होंने राघव के उस वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें चड्ढा ने पार्टी बदलने की तुलना नौकरी बदलने से की थी। भारद्वाज ने इसे “विचारधारा का अपमान” बताते हुए कहा कि राजनीति कोई कंपनी नहीं होती, जहां बिना जिम्मेदारी के बदलाव कर लिया जाए।
Response to Raghav’s Video
Raghav Chaddha says his changing party is like someone switching a job from one company to another.
Though it’s not the same but even when people switch jobs, they don’t hatch conspiracy against their parent company
For more than a year, Raghav… pic.twitter.com/RxfnTsv9Ms
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 27, 2026
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के साथ षड्यंत्र किया और राज्यसभा की पूरी टीम को तोड़कर ले जाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर रणनीति बनाई। भारद्वाज के मुताबिक, जब राघव चड्ढा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसा, तभी उन्होंने बीजेपी ज्वाइन करने का मन बना लिया था, लेकिन इस बारे में पार्टी को कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें पार्टी की विचारधारा पसंद नहीं थी, तो वे खुलकर जा सकते थे, यह उनका अधिकार था, लेकिन जिस तरह से उन्होंने गुप्त तरीके से कदम उठाए, वह सवाल खड़े करता है।”
भारद्वाज ने आगे दावा किया कि केंद्र सरकार राघव चड्ढा की छवि सुधारने में मदद कर रही थी। उन्होंने कहा कि चड्ढा को सुझाव दिया गया कि वे गिग वर्कर्स, मोबाइल रिचार्ज और पितृत्व अवकाश जैसे मुद्दों को उठाएं, ताकि उन पर तुरंत काम हो और उनकी लोकप्रियता बढ़े। इससे उनकी एक “न्यूट्रल और पॉजिटिव इमेज” बनाई जा सके। साथ ही उन्होंने राघव के ‘कंपनी बदलने’ वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि नौकरी बदलने में भी तीन महीने का नोटिस देना पड़ता है, जबकि यहां तो पार्टी और विचारधारा को बिना किसी स्पष्ट प्रक्रिया के छोड़ा गया। इस पूरे विवाद ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
बता दें कि, राघव चड्ढा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के अपने फ़ैसले को लेकर हो रही आलोचना का जवाब दिया और बताया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी क्यों छोड़ी। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में चड्ढा ने कहा कि उनके इस ऐलान के बाद उन्हें बड़ी संख्या में मैसेज मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले तीन दिनों से मुझे आप सभी से बहुत सारे मैसेज मिल रहे हैं। आप में से ज़्यादातर लोग मुझे शुभकामनाएँ दे रहे हैं और बधाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग मेरे इस फ़ैसले के पीछे की वजह जानना चाहते हैं।”
To everyone who reached out with love and wishes, thank you: Rajya Sabha MP Raghav Chadha posts on Instagram pic.twitter.com/0sdYopmT9I
— IANS (@ians_india) April 27, 2026
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने यूएई के राष्ट्रपति अल नाहयान से मुलाकात की
पुणे: विधि कॉलेज के पांच छात्रों के खिलाफ रैगिंग के आरोप में मामला दर्ज
ट्रक की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दंपति और उनके बेटे की मौत
गाजीपुर मामला : अफवाहें फैलाने के आरोप में दो ‘एक्स’ खातों के खिलाफ प्राथमिकी
नागपुर: मिनी ट्रक पुल की रेलिंग से टकराया, महिला की मौत, नौ घायल