Worship Shiva in the month of Shravan

श्रावण माह में शिवजी की करे आराधना,सुख सौभाग्य में होगी वृद्धि, श्रावण माह का अलग है महत्व

Edited By: , July 5, 2022 / 05:59 PM IST

(importance of shravan month) : शास्त्रों में शिवजी की पूजा का बहुत अधिक महत्व बताया है। विभिन्न मान्यताओं के चलते लोग शिवलिंग की पूजा अलग – अलग प्रकार से करते है। शिवलिंग की पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। मान्यता है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल और एक बेल पत्र चढ़ा देने मात्र से ही भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। शिवलिंग पर जलाभिषेक करना, बेल पत्र, दूध, भांग आदि चीजें अर्पित करने के बारे में तो ज्यादातर लोगों को जानकारी होती है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र ने मनोकामना पूर्ति हेतु कुछ उपाय भी बताए गए हैं। ये उपाय आपके जीवन में सुख.समृद्धि लाते हैं। साथ ही महालक्ष्मी की कृपा से धन प्राप्ति के लिए किए गए ये उपाय बहुत कारगर माने जाते हैं।>>*IBC24 News Channel के WhatsApp  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां Click करें*<<

READ ALSO :  पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर एसीबी ने मारा छापा, दस्तावेज खंगालने में जुटी टीम 

श्रावण मास में शिव की पूजा का है महत्व

importance of shravan month : शिवपुराण में बताया गया है कि श्रावण मास में शिवजी की पूजा करने से हर प्रकार के शुभ फलों की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में अकाल मृत्यु दूर कर दीर्घायु की प्राप्ति के लिए तथा सभी व्याधियों को दूर करने के लिए विशेष पूजा की जाती है। मरकंडू ऋषि के पुत्र मारकण्डेय ने लंबी आयु के लिए श्रावण माह में ही घोर तप कर शिव की कृपा प्राप्त की थी, जिससे मिली मंत्र शक्तियों के सामने मृत्यु के देवता यमराज भी नतमस्तक हो गए थे। श्रावण मास में मनुष्य को नियमपूर्वक सात्विक भोजन करना चाहिए।

READ ALSO : महिला से ‘निर्भया’ जैसी दरिंदगी, दुष्कर्म कर गुप्तांग में डाला तवे का मूठ, गले और छाती को पैरों से रौंदा

भगवान शिव को अर्पित श्रावण माह

importance of shravan month : भारत में श्रावण माह बडे ही धूमधाम से मनाया जाता है। श्रावण मास को लेकर प्रत्येक ग्रंथों में अलग कथा को बताया गया है जिसमें श्रावण माह में शिवजी द्वारा लोकहित में किये गये कार्यो का अंबार है। कहते है कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन भी श्रावणमाह में हुआ था। समुंद्र मंथन के समय निकले विष को भगवान शिव ने पी लिया, जिसकी वजह से उनका कंठ विष के समान नीला हो गया। इस कारण शिवजी को नीलकंठ भी कहा जाता हैं। भगवान शिव से प्रसन्न होकर सभी देवताओं ने उनके उपर जल का अभिषेक किया था। जैसा कि हम जानते हैं भगवान विष्णु बरसात के 4 महीनों में योगनिद्रा में रहते हैं,इस परिस्थिति में सम्पूर्ण मानव जाति और पृथ्वी की देखरेख शिवजी के हाथ में होती हैं।भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अभिषेक किया जाता हैं। इस महीने में कई धार्मिक कार्य, दान पुण्य और अच्छे कार्य पूर्ण किए जाते हैं।

READ ALSO : बॉलीवुड की इस एक्ट्रेस का लीक हो गया था न्यूड वीडियो, घर से निकलना भी हो गया था मुश्किल 

श्रावण के सोमवार का व्रत है महत्वपूर्ण

importance of shravan month : अगर देखा जाए तो पूरा श्रावण का महिना ही महत्वपूर्ण है लेकिन फिर भी श्रावण माह का सोमवार अपना अलग ही महत्व रखता है। ऐसा माना जाता हैं कि सावन का सोमवार का व्रत करने से नवग्रह दोष दूर होते हैंए सुखों की प्राप्ति होती हैंए सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए श्रावण के सोमवार का व्रत किया जाता हैं।श्रावण का पहला सोमवार विशेष महत्व रखता हैंए क्योंकि इस दिन लोग बढ़चढ़ कर शिवजी की पूजा करते हैं। साथ श्रावण का पहला सोमवार होने की वजह से इसको विशेष महत्व दिया जाता हैं। श्रावण का पहला सोमवार एक त्यौहार की भांति मनाया जाता हैं। श्रावण के पहले सोमवार को भारी मात्रा में श्रद्धालु उमड़ते हैं।

READ ALSO :  अंडर गार्मेंट्स को लेकर भड़की महिला राज्यसभा सांसद, जाने क्या है पूरा मामला… 

श्रावण पूजा सामग्री

importance of shravan month : श्रावण में भगवान शिव की पूजा में कई तरह की पूजा सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। मान्यता है कि श्रावण के महीने में भगवान शिव का अभिषेक करना विशेष रूप से लाभदायक होता है। साथ ही शिव पूजा में कुछ पुष्पों को अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रावण माह में इन फूलोंको शिवलिंग पर अवश्य करें। कमल,बिल्बपत्र,शंखपुष्प, दूर्वा,हरसिंगार, दुपहरिया,कनेर, बेला,चमेली, अलसी,शमीपत्र, मदार,धतूरा ,जूही,सेदुआरि,राई और बिल्वपत्र।

 

 

 

 

 

#HarGharTiranga