NSE IPO Updates: NSE IPO की घड़ी करीब! पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी जोरों पर, निवेशकों को जल्द मिल सकता है बड़ा मौका!

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NSE IPO Updates: NSE मार्च में अपने IPO के लिए मर्चेंट बैंकर्स को नियुक्त कर सकता है। इसके साथ ही बैंकर्स IPO से जुड़ी रेगुलेटरी फाइलिंग की तैयारी शुरू कर देंगे और जरूरी दस्तावेज तैयार करेंगे। इससे पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेगी।

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 04:58 PM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 05:08 PM IST

(NSE IPO Updates/ Image Credit: ANI News)

HIGHLIGHTS
  • NSE मार्च में मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति कर सकता है।
  • IPO पूरी तरह से OFS (Offer-for-Sale) होगा।
  • मौजूदा शेयरहोल्डर्स 4-4.5% हिस्सेदारी बेचेंगे।

नई दिल्ली: NSE IPO Updates: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को लेकर नई जानकारी सामने आई है। एक्सचेंज ने पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। NSE के चीफ आशीष चौहान के अनुसार, मार्च में NSE अपने IPO के लिए मर्चेंट बैंकर्स को नियुक्त कर सकता है। पिछले करीब सालों से NSE के आईपीओ पर चर्चा चल रही है, लेकिन रेगुलेटरी जांच और कानूनी बाधाओं के कारण इसमें लगातार देरी होती रही। अब इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।

मर्चेंट बैंकर्स की भूमिका

आईपीओ प्रक्रिया में मर्चेंट बैंकर्स की भूमिका अहम होती है। इनकी नियुक्ति के बाद बैंकर्स रेगुलेटरी फाइलिंग के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करना शुरू करेंगे। इसके बाद वे सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के साथ मिलकर अप्रूवल प्रक्रिया को कोऑर्डिनेट करेंगे। मर्चेंट बैंकर्स ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने, इसे SEBI में फाइल करने और आईपीओ के लिए वैल्यूएशन और प्राइस रेंज तय करने में भी मदद करते हैं।

SEBI ने दिया NOC

SEBI ने फरवरी में NSE के IPO के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया है। इससे IPO की प्रक्रिया शुरू करने के लिए रास्ता साफ हो गया। अब मर्चेंट बैंकर्स के काम में तेजी आने की संभावना है। उनका काम केवल दस्तावेज तैयार करना ही नहीं है, बल्कि पब्लिक लिस्टिंग से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाना भी है।

आईपीओ होगा OFS

NSE का IPO पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा। इसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी, लगभग 4-4.5 प्रतिशत, बेच सकते हैं। अनलिस्टेड मार्केट में कीमतों के आधार पर इसके जरिए लगभग 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 22,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। वर्तमान में NSE के शेयर अनलिस्टेड या ग्रे मार्केट में ट्रेड हो रहे हैं और पिछले कुछ महीनों से इनके दाम बढ़ते रहे हैं। इस IPO से निवेशकों को बड़ा मौका मिल सकता है और NSE की पब्लिक लिस्टिंग की राह आसान होगी।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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NSE का IPO कब हो सकता है?

मार्च में NSE मर्चेंट बैंकर्स को नियुक्त कर IPO प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

मर्चेंट बैंकर्स की भूमिका क्या है?

वे DRHP तैयार करेंगे, SEBI के साथ फाइलिंग करेंगे, IPO की वैल्यूएशन और प्राइस रेंज तय करेंगे।

NSE IPO किस प्रकार का होगा?

यह पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) IPO होगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

IPO से कितना फंड जुटाया जा सकता है?

अनलिस्टेड मार्केट के हिसाब से लगभग 2.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 22,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।