ईरान बातचीत के लिए राजी है : ट्रंप

ईरान बातचीत के लिए राजी है : ट्रंप

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 01:51 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 01:51 PM IST

दुबई, 12 जनवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने को लेकर ईरान पर जवाबी कार्रवाई संबंधी अमेरिका की धमकी के बाद इस पश्चिम एशियाई देश ने अमेरिका से संपर्क किया और बातचीत का प्रस्ताव रखा।

ईरान ने फिलहाल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है। यह खबर ओमान के विदेश मंत्री की ईरान यात्रा के बाद आई है, जो लंबे समय से वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ रहे हैं।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत के दौरान तल्ख लहजे में कहा कि ‘स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है’। उन्होंने हिंसा के लिए इजराइल और अमेरिका को दोषी ठहराया, हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत पेश नहीं किया।

अराघची ने कहा, ‘‘इसीलिए हिंसक और रक्तपातपूर्ण प्रदर्शन हुआ कि अमेरिकी राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके।’’ कतर द्वारा वित्त पोषित अल जज़ीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क ने उनके बयान प्रसारित किए। अल जज़ीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क को देश में इंटरनेट बंद होने के बावजूद काम करने की अनुमति दी गई है।

इस बीच, सोमवार को ईरान ने सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर उतरकर धर्मतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन करने का आह्वान किया। यह 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के शासन को सीधे चुनौती देने वाले कई दिनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद शक्ति प्रदर्शन था। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भीड़ के नारों को प्रसारित किया, जिसमें लोग ‘अमेरिका मुर्दाबाद!’ और ‘इजराइल मुर्दाबाद!’ के नारे लगा रहे थे। ट्रंप ने वार्ता के प्रस्ताव को स्वीकार किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजराइल द्वारा सीधे सैन्य हमले शामिल हैं। इन लोगों ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति न होने के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।

ट्रंप ने रविवार रात संवाददाताओं से कहा, ‘‘सेना इस पर विचार कर रही है और हम बहुत सख्त विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।’’

ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों पर उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्होंने ऐसा किया तो हम उन्हें ऐसे स्तर पर जवाब देंगे, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा।’’

ट्रंप ने ‘एयर फ़ोर्स वन’ विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक के लिए बातचीत कर रहा है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़ने और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जाना जारी रखने के कारण उन्हें (ट्रंप को) पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वे अमेरिका से मार खा-खाकर थक चुके हैं। ईरान बातचीत करना चाहता है।’’

ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई में कम से कम 544 लोग मारे गए हैं वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने रविवार को कहा कि आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ ने रविवार को बताया कि पिछले दो सप्ताह से जारी प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह एजेंसी हाल के वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान सटीक जानकारी देने के लिए जानी जाती रही है और ईरान में मौजूद अपने समर्थकों के जरिए सूचनाओं का सत्यापन करती है।

एजेंसी के अनुसार, मारे गए लोगों में 496 प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के 48 सदस्य थे।

ईरान में इंटरनेट सेवाएं ठप होने और फोन लाइनों के काटे जाने के कारण विदेश से इन प्रदर्शनों की स्थिति का आकलन करना और अधिक कठिन हो गया है। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सका है। ईरानी सरकार ने अब तक कुल हताहतों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।

माना जा रहा है कि सूचना पर रोक से ईरान की सुरक्षा सेवाओं के कट्टरपंथी तत्वों को और अधिक हिंसक कार्रवाई करने का हौसला मिल रहा है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक राजधानी तेहरान और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। ऑनलाइन वीडियो में रविवार रात से सोमवार तक प्रदर्शन जारी रहने के दृश्य दिखाई दिए।

एपी शोभना मनीषा

मनीषा