ईरान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन के लिए विस्तृत उपाय शामिल किये जाने चाहिए: आईएईए प्रमुख

ईरान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन के लिए विस्तृत उपाय शामिल किये जाने चाहिए: आईएईए प्रमुख

ईरान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन के लिए विस्तृत उपाय शामिल किये जाने चाहिए: आईएईए प्रमुख
Modified Date: April 15, 2026 / 01:39 pm IST
Published Date: April 15, 2026 1:39 pm IST

सियोल, 15 अप्रैल (एपी) संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी आईएईए के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन हेतु ‘बहुत विस्तृत’ उपायों को शामिल किया जाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए एक संपूर्ण सत्यापन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि ईरान के साथ वार्ता का दूसरा दौर अगले दो दिनों में हो सकता है।

ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य है। ईरान ने पहले कहा था कि वह ऐसे हथियार विकसित नहीं कर रहा है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी प्रकार की रोक को मानने से उसने इनकार किया है।

पिछले सप्ताहांत पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच हुई वार्ता का पहला दौर किसी समझौते पर नहीं पहुंच सका। व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं मुख्य अड़चन थीं। हालांकि, ईरान के एक राजनयिक ने बंद कमरे में हुई वार्ता की संवेदनशीलता के कारण नाम गुप्त रखने की शर्त पर, इस बात से इनकार किया कि वार्ता ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के कारण विफल हुई।

ग्रॉसी ने सियोल में पत्रकारों से कहा, “ईरान का परमाणु कार्यक्रम बहुत महत्वाकांक्षी और व्यापक है, इसलिए इसमें आईएईए निरीक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। अन्यथा, कोई समझौता नहीं होगा। समझौता सिर्फ एक भ्रम बनकर रह जाएगा।”

उन्होंने कहा कि परमाणु प्रौद्योगिकी पर किसी भी समझौते के लिए “विस्तृत सत्यापन तंत्र की आवश्यकता होती है।”

सदस्य देशों को वितरित की गई आईएईए की एक गोपनीय रिपोर्ट, जिसे ‘एसोसिएटेड प्रेस’ ने फरवरी में देखा था, में कहा गया है ‘‘ईरान ने अपनी उस परमाणु इकाई तक आईएईए को पहुंच की अनुमति नहीं दी जिसे निशाना बनाकर जून में 12 दिनों के युद्ध के दौरान इजराइल और अमेरिका द्वारा बमबारी की गई थी।

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि ‘इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि ईरान ने संवर्धन से संबंधित सभी गतिविधियों को निलंबित कर दिया है या नहीं,’ या ‘प्रभावित परमाणु सुविधाओं में ईरान के यूरेनियम भंडार का आकार क्या है।’

एपी अमित मनीषा

मनीषा


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